10जेएनडी26-पांडु पिंडारा में अधूरे कार्य को लेकर नाराजगी जताते हुए सांसद सतपाल ब्रह्मचारी। स्रो
जींद। तीर्थ पांडु-पिंडारा में विकास कार्य तीन माह से अधूरे पड़े हैं। इसको लेकर पीडब्ल्यूडी अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसको लेकर 17 फरवरी को अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
इस मामले को लेकर पांडु-पिंडारा के ग्रामीणों में रोष है। श्रद्धालु विरेंद्र, कुलदीप, राजेश ने कहा कि तीर्थ पांडु पिंडारा के विकास के लिए रिपेयरिंग, पेंटिंग, दो नए घाट और ग्रिल लगाने के कई माह पहले टेंडर जारी हुए थे। ये विकास कार्य पीडब्ल्यूडी की ओर से सिरे चढ़ने हैं लेकिन पिछले तीन माह से ये कार्य अधर में लटके हुए है।
तीर्थ के तालाब के चारों ओर दीवार की मरम्मत करने और उसे पेंटिंग से सजाने के लिए सरोवर का पानी निकाला गया था। अधिकारियों के समक्ष बार-बार शिकायत भी की गई है लेकिन कार्य शुरू नहीं हो रहा। 17 फरवरी को अमावस्या आ रही है। अमावस्या के दिन देश भर से श्रद्धालु तीर्थ पर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते है। तीर्थ के तालाब में पानी कम होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
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अधिकारियों का ढुल-मुल रवैया बर्दाश्त से बाहर : सांसद ब्रह्मचारी
सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई है। कहा कि तीर्थ के विकास को लेकर जो अधिकारी सुस्ती और कोताही बरत रहे है उन पर कार्रवाई के लिए शीर्ष अधिकारियों से बात की जाएगी। जरूरत पड़ी तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में आवाज उठाई जाएगी।