करसोला गांव में दो वर्ष पहले 80 क्विंटल गेहूं का गबन करने के मामले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने डिपो धारक के लाइसेंस को रद्द किया है। हालांकि यह मामला 2020 का है। गांव के लोगों ने जब इसकी शिकायत दी तो इसमें विभागीय कार्रवाई शुरू कर जांच करवाई गई जांच में गेहूं का गबन मिलने पर अब डिपो धारक का लाइसेंस रद्द किया गया।
प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को राशन में एक साथ कई तरह के खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जाते हैं। जिसमें डिपो धारक ने गांव में उपभोक्ताओं को राशन देने के लिए अंगुठे लगवा लिए लेकिन इसमें से उन्होंने बाजरा, तेल या फिर अन्य उत्पाद उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवा दिए लेकिन गांव में किसी भी उपभोक्ता को गेहूं वितरित नहीं किया जिसके चलते सभी उपभोक्ताओं के रिकार्ड में गेहूं का वितरण ऑनलाइन दिखाया गया। इस मामले की जांच की गई तो ग्रामीणों ने इसके बारे में विभागीय जांच टीम को जानकारी दी। जिसमें गेहूं का गबन हुआ मिला। इसके बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली कंट्रोल आर्डर 2009 के नियम 13 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विभाग द्वारा करसोला के डिपो धारक के लाइसेंस की पूर्ण प्रतिभूति राशि जब्त की गई तथा लाइसेंस रद्द किया गया।