डेंगू के मरीजों को अब टेस्ट या उपचार के लिए निजी अस्पताल या जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सामान्य अस्पताल में ही डेंगू के कार्ड टेस्ट की सुविधा शुरू कर दी है। विभाग द्वारा एलीजा टेस्ट की सुविधा भी जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
इसके अलावा मरीजों के प्लेटलेट्स के टेस्ट के लिए विभाग ने शहर की चार निजी लैब के साथ अनुबंध किया है। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से डेंगू के मरीज अब इन निजी लैब पर प्लेटलेट्स के टेस्ट नि:शुल्क करवा सकेंगे। लैब संचालकों को टेस्ट की फीस का भुगतान विभाग की ओर से किया जाएगा।
जिले में अभी तक डेंगू के 58 मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अभी तक जिले में विभाग के पास डेंगू के टेस्ट व उपचार की सुविधा नहीं है, जिससे मरीजों को टेस्ट व उपचार के लिए निजी अस्पतालों या जिले से बाहर के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
अब जिले में बढ़ रहे डेंगू के मरीजों की संख्या को देखते हुए सामान्य अस्पताल में ही डेंगू के टेस्ट की सुविधा शुरू की गई है। डेंगू की प्राथमिक जांच के लिए यहां कार्ड टेस्ट की सुविधा शुरू हो गई है। एलीजा टेस्ट की सुविधा भी जल्द शुरू की जाएगी।
डेंगू की पुष्टि के लिए सिविल सर्जन से लेनी पड़ेगी अनुमति
निजी अस्पतालों तथा निजी लैबों में डेंगू के टेस्ट के नाम पर मरीजों के साथ की जा रही लूट को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग द्वारा निजी अस्पतालों व लैबों में किए जा रहे कार्ड टेस्ट की फीस 600 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं निजी अस्पताल या लैब संचालक स्वयं डेंगू की पुष्टि नहीं कर सकेंगे। इसके लिए निजी अस्पताल व लैब संचालकों को सिविल सर्जन को अपनी रिपोर्ट भेजनी होगी। सिविल सर्जन द्वारा अपने स्तर पर मरीज का टेस्ट करवाने के बाद ही डेंगू की पुष्टि की जाएगी।
विभाग ने प्लेटलेट्स के टेस्ट के लिए चार निजी लैंबों के साथ किया अनुबंध
सामान्य अस्पताल में प्लेटलेट्स के टेस्ट के लिए मशीन की सुविधा नहीं है। ऐसे में शहर की चार निजी लैब के साथ विभाग ने अनुबंध किया है। सामान्य अस्पताल में आने वाले डेंगू के मरीजों के प्लेटलेट्स की जांच इन निजी लैब में करवाई जाएगी। विभाग ने शहर की दिल्ली लैब, जींद लैब, पैथ लैब तथा हरियाणा लैब के साथ अनुबंध किया है।
डेंगू की पुष्टि के लिए ये टेस्ट जरूरी
कार्ड टेस्ट : कार्ड टेस्ट के जरिये ब्लड में एनएस-1 एंटीजन की जांच की जाती है। जांच में एनएस-1 पॉजीटिव मिलने पर डेंगू की संभावना होती है। इसकी रिपोर्ट मरीज को तुरंत दे दी जाती है।
एलीजा टेस्ट : कार्ड टेस्ट में एनएस-1 एंटीजन पॉजीटव मिलने के बाद डेंगू की पुष्टि के लिए एलीजा टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट में डेंगू की एंटी बॉडीज का पता लगाया जाता है। जिससे डेंगू की पुष्टि होती है। इस टेस्ट की रिपोर्ट में चार से छह घंटे का समय लगता है।
प्लेटलेट्स टेस्ट : डेंगू की पुष्टि होने के बाद शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या का पता करने के लिए यह टेस्ट किया जाता है। प्लेटलेट्स की संख्या से मरीज की स्थिति का पता लगता है। स्वस्थ्य मनुष्य के शरीर में ढाई से तीन लाख प्लेटलेट्स की संख्या होता है। चिकित्सकों के अनुसार, प्लेटलेट्स 20 हजार से नीचे आने पर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
डेंगू के लक्षण
चिकित्सकों द्वारा डेंगू को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसकी प्रथम श्रेणी फीवर, दूसरी श्रेणी हेमरेजिंग फीवर तथा तीसरी श्रेणी को डेंगू सॉक्स सिंड्रोम कहा जाता है। फीवर में मरीज को तेज बुखार होता है तथा सिर के आगे के हिस्से में दर्द होता है। हेमरेजिंग फीवर में बुखार के साथ-साथ जोड़ों में दर्द होने लगता है तथा शरीर पर लाल रंग के दाने बनने लगते हैं। डेंगू सॉक्स सिंड्रोम में नाक, कान, मुंह या शरीर के दूसरे भाग से खून आने लगता है तथा ब्लड प्रेशर खत्म हो जाता है। इस श्रेणी में पहुंचने के बाद मरीज बेहोशी की हालत में चला जाता है।
डेंगू होने पर धैर्य से काम लें मरीज
सामान्य अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश भोला का कहना है कि डेंगू जानलेवा बीमारी नहीं है। यदि सही समय पर मरीज का उपचार किया जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है। इसलिए डेंगू होने पर मरीज को धैर्य से काम लेना चाहिए। मरीज को दवाइयों के साथ-साथ नारियल का पानी तथा ज्यादा मात्रा में अन्य तरल पदार्थ लेना चाहिए। नारियल के पानी से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति होती है।
सामान्य अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए कार्ड टेस्ट की सुविधा शुरू हो चुकी है। एलीजा टेस्ट के लिए लैब अटेंडेंट को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जल्द ही एलीजा टेस्ट की सुविधा भी शुरू की जाएगी। प्लेटलेट्स के टेस्ट के लिए शहर की चार निजी लैबों के साथ अनुबंध किया गया है। इन लैबों में मरीजों के प्लेटलेट्स के टेस्ट करवाए जाएंगे, जिसके लिए मरीज को फीस नहीं देनी होगी।
डॉ. अनिल बिरला, एमएस, सामान्य अस्पताल, जींद।
डेंगू से नरवाना में एक की मौत
नरवाना। घसो कलां गांव में एक युवक की डेंगू के कारण मौत हो गई। मृतक उचाना में लोहे के मिस्त्री का कार्य करता था। उसे दस दिन पहले तेज बुखार हुआ था। इसके बाद से ही परिजनों ने उसे उपचार के लिए दिल्ली के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया था।
गांव घसो निवासी 38 वर्षीय संजय पांचाल को लगभग दस दिन पहले तेज बुखार हुआ था। परिजनों ने बताया कि बुखार के बाद संजय का स्थानीय चिकित्सकों से उपचार करवाया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां चिकित्सकों ने संजय को डेंगू की पुष्टि की थी। लगभग दस दिनों तक उपचार के बाद संजय की मौत तीन दिन पहले हो गई। संजय अपने पीछे पत्नी, दो लड़कियां तथा एक लड़का छोड़ गया है।