शामलो कलां-पड़ाना ड्रेन की क्षमता बढ़ाने का मांगपत्र दिखाते किसान।
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जुलाना। शामलो कलां-पड्राना ड्रेन पर शामलो कलां में सुंदर ब्रांच नहर पर बने पंप हाउस की क्षमता बढ़ाने की मांग की गई है। इसको लेकर ग्रामीणों ने उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नाम विधायक अमरजीत ढांडा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पंप हाउस की क्षमता 500 क्युसेक करने की मांग की है।
शामलो कलां गांव के पूर्व सरपंच सुरजीत मलिक के नेतृत्व में ग्रामीण विधायक से मिले और समस्या का समाधान करने की मांग की। शामलो कलां-पड़ाना ड्रेन में सफीदों क्षेत्र तक का पानी आता है। इसके अलावा 15 ड्रेनों का पानी भी इसी ड्रेन से होकर शामलो कलां गांव में पहुंचता है। दर्जनों गांवों का यह पानी पंप हाउस के जरिए सुंदर ब्रांच नहर में डाला जाता है। पंप की क्षमता अब केवल 240 क्युसेक है। बरसात के सीजन में ज्यादा बारिश होने से और 15 ड्रेनों का पानी भी इसी ड्रेन में आने से ड्रेन ओवरफ्लो हो जाता है और शामलो कलां, रामकी, खिमाखेड़ी, गोसाई खेड़ा, गतौली, गढ़वाली, जैजैवंती, बुआना, बुराहडेर, ढिगाना, पड़ाना सहित दर्जनों गांव में उगाई गई फसल को बर्बाद कर देता है। पीछे से पानी ज्यादा आने के कारण पंप हाउस की क्षमता कम पड़ जाती है और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ जाता है। सुरजीत मलिक, कृष्ण मलिक, विक्रम मलिक, जगबीर सिंह सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि सफीदों क्षेत्र तक का पानी शामलो कलां गांव में जमा होता है। बिजली कम मिलने व पंप हाउस की क्षमता कम होने से किसानों को प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। ड्रेन में अन्य ड्रेनों को जोड़ा जा रहा है, मगर पंप हाउस की क्षमता को नहीं बढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने पंप हाउस की क्षमता बढ़ाने की मांग सरकार से की है।
पिछले लगभग 20 वर्षों से शामलो कलां-पड़ाना ड्रेन की क्षमता 500 क्युसेक करने करने मांग ग्रामीण कर रहे हैं। पिछले वर्ष ग्रामीणों की मांग सरकार ने सुनी, मगर पंप हाउस की क्षमता 500 क्सुसेक करने की बजाय 240 क्युसेक कर दी गई। प्रतिवर्ष अन्य ड्रेनों को शामलो कलां-पड़ाना ड्रेन से जोड़ा जा रहा है। मगर पंप की क्षमता नहीं बढ़ाई जा रही है। अगर पंप हाउस की क्षमता बढ़ जाए तो हजारों किसान तबाह होने से बच सकते हैं।