जींद। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग कर लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विपक्षी दलों के नेताओं को ज्ञापन सौंपा।
संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। महिला आरक्षण कानून को बिना किसी और देरी के लागू किया जाए। समिति का कहना है कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ना उचित नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने सीपीआई(एम) के जिला सचिव कपूर सिंह, इनेलो के जिला प्रधान बिजेंद्र रेढ़ू तथा कांग्रेस की जुलाना विधायक विनेश फोगाट के प्रतिनिधि दलबीर फौजी को ज्ञापन सौंपा। नेताओं से अपील की गई कि वे इस मुद्दे को विधानसभा और संसद में प्रभावी ढंग से उठाएं। इस दौरान जिला सचिव कोशिगन और सदस्य नीलम ने कहा कि महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों और समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा।