खरकबूरा के सब स्टेशन पर बुधवार को गांव भगवानपुरा और उचाना खुर्द के ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। दोनों ही गांवों के किसान सब स्टेशन में घुसकर धरने पर बैठ गए। किसानों के हंगामे की सूचना पाकर उचाना थाना पुलिस और बिजली निगम के एसडीओ वीके मलिक मौके पर पहुंचे। निगम के अधिकारियों ने बातचीत कर धरने पर बैठे किसानों को शांत कराया। दूसरी तरफ बिजली किल्लत को लेकर उचाना कलां में ग्रामीणों ने दिल्ली-पटियाला मार्ग जाम कर विरोध जताया।
गांव खरकभूरा के 132 केवी सब स्टेशन के मेन ट्रांसफार्मर (20-22-25 एमवीए) में तीन दिन से खराबी आई हुई है। इस फाल्ट की वजह से गांव छात्तर, काकड़ौद, कोथ के सब स्टेशन पर भी बिजली नहीं पहुंच पा रही है। तीनों सब स्टेशनों के अंतर्गत आने वाले 19 गांवों की बिजली तीन दिन से गुल रहने के कारण जहां ब्लैक आउट की स्थिति है वहीं सैकड़ों लोग परेशान हैं। बिजली नहीं आने से परेशान गांव भगवानपुरा और उचाना खुर्द के सैकड़ों किसान एकत्रित होकर बुधवार को खरकभूरा के सब स्टेशन पर पहुंचे। इसके बाद किसान खरकभूरा सब स्टेशन के मेन गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कुछ लोगों ने सब स्टेशन के अंदर घुसकर बिजली कंट्रोल सेंटर में धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों के हंगामे की सूचना पाकर बिजली निगम के एसडीओ वीके मलिक मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों के बीच बैठकर उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। किसानों का कहना था कि बिजली नहीं आने से ग्रामीण पेयजल की किल्लत से परेशान हैं। ग्रामीणों को रात में गलियों, छतों में चारपाई बिछाकर सोना पड़ रहा है। पेयजल किल्लत के चलते गांवों में बैलगाड़ी, ट्रैक्टर-ट्राली से ग्रामीण जलघरों से ड्रमों में पानी भरकर ला रहे हैं। बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है। इसके अलावा पशुओं के लिए हरा चारा नहीं कट पा रहा है। आटा पिसवाने, मोबाइल चार्ज करने के लिए उचाना मंडी आना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली सब स्टेशन में सप्लाई करने वाला अतिरिक्त ट्रांसफार्मर कम से कम एक जोन में तो होना चाहिए। यह ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद कई दिनों में दूसरे राज्य से आता है। निगम को चाहिए कि कम से कम एक जोन में एक बड़ा ट्रांसफार्मर रखे ताकि खराब होने की स्थिति में जल्दी ट्रांसफार्मर सब स्टेशन में पहुंचाया जा सके।
दो दिन लगेंगे नया ट्रांसफार्मर आने में
बिजली निगम के एसडीओ वीके मलिक के अनुसार सब स्टेशन का ट्रांसफार्मर खराब होते ही इसकी जानकारी निगम के उच्च अधिकारियों को दी गई है। ट्रांसफार्मर बाहर से मंगवाना पड़ता है। ट्रांसफार्मर को आने में दो दिन का समय लगेगा। जब तक सब स्टेशन में आई खराबी ठीक नहीं होती तब तक ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सप्लाई के लिए दो से तीन घंटे बिजली की व्यवस्था की गई है।
नाराज ग्रामीणों ने लगाया जाम
उचाना कलां के लोगों ने शेडयूल के अनुसार बिजली नहीं मिलने पर बुधवार को दिल्ली-पटियाला मार्ग बाधित कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में कई दिनों से शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं दी जा रही है। जब इस बारे में निगम कार्यालय में बात की जाती है तो संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली की सप्लाई नहीं होने से राजकीय प्राथमिक स्कूल के बच्चों को गर्मी में ही पढ़ाई करनी पड़ती है। जाम की सूचना मिलते पर थाना प्रभारी सोमबीर ढाका, एसडीओ बिजली निगम वीके मलिक पहुंचे। शेड्यूल के हिसाब से बिजली देने के आश्वासन पर ग्रामीण जाम खोलने को तैयार हुए। ग्रामीणों ने कहा कि पूरे दिन में मुश्किल से दो से तीन घंटे बिजली आ रही है। रात को भी बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। बुधवार को पूरे दिन ही बिजली गुल रही है। उन्होंने कहा कि कम से कम रात को तो बिजली सप्लाई मिलनी चाहिए ताकि कम से कम चैन की नींद तो सो सकें। किसान प्रकाश, वीरेंद्र, सतबीर ने कहा कि खेतों में बिजली सप्लाई का शेड्यूल आठ घंटे का है, लेकिन बिजली शेड्यूल के हिसाब से नहीं आ रही है। बारिश हो नहीं रही है। फसल को पानी की जरूरत है। बिजली सप्लाई नहीं आने से महंगा डीजल फूंक कर फसलों में पानी लगाना पड़ रहा है। निगम के एसडीओ वीके मलिक ने आश्वासन दिया कि शेड्यूल के अनुसार बिजली दी जाएगी।