कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा किसानों का आंदोलन वीरवार दोपहर बाद करीब तीन बजे उग्र हो गया। इस दौरान किसानों ने जींद पुलिस द्वारा लगाए गई चार स्तरीय अवरोध को तोड़कर हरियाणा की सीमा में प्रवेश कर लिया। पुलिस अब किसानों को रोकने के लिए सीमा से आगे लगाए गए नाकों को मजबूत करने में लगी हुई है।
घटना के दौरान जींद के डीसी डॉ. आदित्य दहिया व डीआईजी ओपी नरवाल भी मौके पर मौजूद थे। इस दौरान किसानों ने पत्थर व डंडों से पांच सरकारी और दो निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। वहीं पथराव के दौरान गाड़ियों में बैठे कुछ पुलिस व अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आईं। फिलहाल किसान हरियाणा की सीमा में प्रवेश कर डेरा डाले हुए हैं। दो दिन से हरियाणा-पंजाब सीमा पर डटी पुलिस को किसानों ने खदेड़ दिया। इसके बाद करीब 500 मीटर पीछे हटकर पुलिस ने मोर्चा संभाला हुआ है।
पिछले तीन दिन से किसान पंजाब की ओर दातासिंह वाला गांव के पास सीमा पर डटे हुए थे। किसानों को रोकने के लिए जींद प्रशासन द्वारा किए गए सभी प्रबंध धरे के धर रह गए। वीरवार दोपहर बाद करीब तीन बजे किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान माहौल को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार शुरू की तो किसान जोश में आकर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। एक साथ हजारों की तादाद में किसान आगे बढ़े। इस दौरान चार श्रेणी में लगाए गए अवरोध भी किसानों को रोक नहीं पाए। पुलिस प्रशासन और किसानों में पत्थरबाजी हुई। पुलिस ने किसानों पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। आंसू गैस छोड़कर किसानों को रोकना चाहा, लेकिन वे सीमा पार कर गए।
यह रही पुलिस की व्यवस्था
किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले लोहे के अवरोध लगाए थे। इसके बाद दूरी श्रेणी में बड़े-बड़े पत्थर डाले थे। तीसरी श्रेणी में मिट्टी डाली और चौथी श्रेणी में पुलिस बल को तैनात किया था। किसानों को रोकने के लिए लोहे के अवरोधों पर तार लगाई गई और इन्हें लोहे की मोटी बेल से बांधा गया था, लेकिन किसानों के आगे यह नहीं टिक पाई। इस दौरान किसानों के रुख को देखते हुए पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। पुलिस को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। इसके बाद किसानों ने प्रशासन द्वारा डाली गई मिट्टी भी हटा दी।
प्रशासन की तैयारी पूरी
बेशक वीरवार को किसानों ने अवरोध तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया है, लेकिन अभी जींद प्रशासन की आगे भी तैयारियां हैं। आगे के नाकों पर भी व्यवस्था की गई है। धारा 144 लगाई गई है। ऐसे में पंजाब के संगरूर जिला प्रशासन से भी बातचीत की जा रही है, ताकि किसानों को रोका जा सके। किसी भी सूरत में किसानों को दिल्ली की ओर नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
हरियाणा की सीमा में प्रवेश करते किसान। अमर उजाला- फोटो : Jind
सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते पंजाब के किसान। अमर उजाला- फोटो : Jind
गाड़ियों पर लाठियां भांजते किसान। अमर उजाला- फोटो : Jind
एसडीएम की गाड़ी का तोड़ा गया शीशा। अमर उजाला- फोटो : Jind
पंजाब के किसानों द्वारे फेंके गए बैरिकेड्स। अमर उजाला- फोटो : Jind
दातासिंह वाला बार्डपर पर बैरिकेडिंग को तोड़ते पंजाब के किसान। अमर उजाला- फोटो : Jind
पंजाब की ओर सीमा पर डटे पंजाब के किसान। ब्यूरो- फोटो : Jind