फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानलेवा कैंसर की गिरफ्त में जुलानी गांव

विज्ञापन
गांव के बाहर कैंसर पर चर्चा करते ग्रामीण। - फोटो : bureau
विज्ञापन
 शहर से सटा जुलानी गांव कैंसर की चपेट में है। तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में पिछले 15-20 सालों में 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और फिलहाल 50 से अधिक लोग कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। हैरानी की बात है कि शहर से सटा होने के बाद भी इस भयावह त्रासदी की जानकारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अभी तक नहीं है।
विज्ञापन

जुलानी गांव में हर वर्ग के लोग इस जानलेवा बीमारी से ग्रस्त हैं। एक ही परिवार के कई-कई लोगों की मौत हो चुकी है। सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर 60 वर्षीय सतबीर सिंह पिछले सात साल से दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर अस्पताल से इलाज करवा रहे हैं। सतबीर के अनुसार उनके परिवार के ही चार लोग अब तक कैंसर के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें 18 साल से लेकर 55 साल तक के लोग शामिल हैं। दो साल पहले सतबीर के परिवार में 45 वर्षीय राजबीर की मौत कैंसर के कारण हुई थी। राजबीर के पिता किताब सिंह की मौत भी कुछ साल पहले कैंसर से ही हुई थी। अब उनके परिवार में 45 वर्षीय शिक्षा देवी भी चार साल से कैंसर की चपेट में हैं। सतबीर के अनुसार पिछले 15-20 साल में उनके परिवार के 56 वर्षीय रामचंद्र, 18 वर्षीय मुकेश के अलावा गांव के 45 वर्षीय रामेश्वर, 60 वर्षीय शमशेर समेत 300 से अधिक लोग कैंसर की भेंट चढ़ चुके हैं। गरीब तबके के लिए यह बीमारी दोहरी मार साबित हो रही है। महंगा इलाज जहां लोगों की आर्थिक हालत खराब कर रहा है, वहीं लगातार जान भी जा रही हैं।  

ग्रामीण बोले-पानी में है बीमारी
ग्रामीणों का कहना है बीमारी की जड़ गांव का भूमिगत पानी है। यहां पिछले करीब 10-15 सालों में समस्या ज्यादा विकराल हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले वे कुओं का पानी पीते थे, लेकिन अब कुओं का पानी खराब हो चुका है। ऐसे में ऐसे में लोग सबमर्सिबल का पानी पीते हैं। गांव वाले इसे कैंसर का कारण मान रहे हैं लेकिन पानी की जांच अब तक नहीं हुई है।
विज्ञापन


गांव को इलाज की दरकार
गांव में कैंसर की गंभीर समस्या है। इसके कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और काफी संख्या में लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके लिए सांसद को ज्ञापन सौंपा गया है। अब गांव को इलाज की दरकार है।
रेखा देवी, सरपंच जुलानी

सरकार व प्रशासन उदासीन
यह समस्या एक गांव की नहीं, पूरी आठ-नौ गांव की बेल्ट में है। इसको लेकर सरकार को तीन बार पत्र भेजे गए हैं। कुछ साल पहले इस समस्या को लेकर जुलानी गांव के लोगों के साथ हम डीसी से भी मिले थे। सिंचाई मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी पत्र भेजे गए हैं, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है।
डॉ. हरिचंद मिढ़ा, विधायक जींद विधानसभा

मुझे इस प्रकार की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी ली जाएगी। यदि बहुत बड़े स्तर पर समस्या है तो चिकित्सकों की टीम गांव का दौरा करेगी और उसके आधार पर ही इलाज की रूपरेखा बनाई जाएगी।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन

हां जुलानी गांव के एक मरीज का इलाज हमारे यहां चल रहा है। उनकी हालत बहुत खराब है। गांव में कैंसर का मुख्य कारण धूम्रपान है, लेकिन यदि महिलाओं को भी कैंसर है तो इसके और भी कारण हो सकते हैं। यह गांव में जांच के बाद ही पता चल सकता है।
विज्ञापन

डॉ. सुरेंद्र डबास, चिकित्सक राजीव गांधी कैंसर अस्पताल, दिल्ली।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें