नरवाना। गांव कालवन निवासी गौरव नैन का बीमारी के कारण शुक्रवार शाम ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न में देहांत हो गया। इसकी सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। माता पिता का रो रो कर बुरा हाल है।
30 वर्षीय गौरव नैन पिछले 13 वर्षों से ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न में एमआईसीएम रियल एस्टेट में बतौर मैनेजर काम कर रहा था। करीब दस दिन पहले उसका स्वास्थ्य खराब हो गया और चिकित्सकों ने उसे आईसीयू की सुविधा दी। गौरव ने दस दिन जिंदगी व मौत की बीच जंग लड़ी लेकिन शुक्रवार को उसने अंतिम सांस ली। उसके देहांत की खबर भाई और पिता को दी गई। गौरव की माता राज व पिता रामप्रताप का रो रोकर बुरा हाल है। मृतक गौरव के पिता रामप्रताप रिटायर्ड कर्नल हैं। गौरव का छोटा भाई समीर नैन भी ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में रहता है। मेलबोर्न और ब्रिसबेन में ढाई हजार किलोमीटर का फासला है। वहां भी कोरोना वायरस के कारण हवाई सफर बंद है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। गौरव की कोरोना की रिपोर्ट रविवार को आएगी।
गौरव के पिता कर्नल रामप्रताप ने कहा कि उनका प्रयास होगा कि उनके बेटे के शव को गांव में पहुंचाया जाए। कर्नल रामप्रताप सिंह ने अपने बेटे को अच्छी जिंदगी बिताने के लिए आठ हजार किलोमीटर दूर आस्ट्रेलिया भेजा था। माता-पिता अब उनकी शादी करना चाहते थे कि इधर उनके लिए बुरी सूचना आ गई। गौरव के पिता ने कहा कि वह पांच वर्ष पहले घर से गया था। अब घरवाले चाहते थे कि वह शादी के समय ही भारत आए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपने बेटे के शव को गांव लाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि करीब दस दिन पूर्व गौरव को खांसी जुकाम की शिकायत हुई थी। जिसको लेकर गौरव को अस्पताल में दाखिल करवाया गया था जहां उनकी मौत हो गई। बॉक्स
मंत्रालय देख रहा है मामला
इस प्रकार के मामले सीधे मंत्रालय द्वारा देखे जा रहे हैं। इसकी फिलहाल कोई रिपोर्ट नहीं आई है। मंत्रालय की ओर से जो भी दिशार्निदेश आएंगे, उनके अनुसार ही कार्रवाई होगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।