हिसार के लुहारी गांव के पास से गुजर रही मोठ माइनर में नौ जुलाई को जिस बुजुर्ग का शव मिला था, उसकी हत्या करके हांसी ब्रांच नहर में फेंका गया था। यह खुलासा पुलिस पूछताछ में देशखेड़ा निवासी धर्मपाल ने किया है। धर्मपाल को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
शहर थाना के एएसआई रामकुमार ने बताया कि छह जुलाई को गांव राजगढ़ निवासी महेंद्र (62) जींद शहर आया था। वह यहां रोहतक रोड से गायब हो गया था। उसके बेटे नवीन ने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। नौ जुलाई को महेंद्र का शव लुहारी गांव के पास से गुजर रही मोठ माइनर में मिला था। उसके बेटे नवीन ने महेंद्र की पहचान की थी। परिजनों ने सोचा कि महेंद्र का पांव फिसल गया होगा या वह गलती से नहर में गिर गया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महेंद्र की पहले गला दबाकर हत्या की थी, उसके बाद शव को नहर में फेंका गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो देशखेड़ा निवासी धर्मपाल को पकड़कर पूछताछ की गई तो उसने सारी सच्चाई उगल दी।
धर्मपाल ने बताया कि उसका महेंद्र के साथ पैसों का लेनदेन था। महेंद्र उसके पैसे नहीं दे रहा था। छह जुलाई को महेंद्र रोहतक रोड पर आया तो उसने उसे देख लिया। इसके बाद वह उसे बहला-फुसलाकर रामराय व ईक्कस गांव के बीच हांसी ब्रांच नहर के पास ले गया। यहां उसने परने से गला दबाकर महेंद्र की हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया। एएसआई रामकुमार ने बताया कि रविवार को धर्मपाल को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के निर्देश दिए।