अलेवा। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने पेगां गांव की सरपंच रतनी देवी को शामलात भूमि की पटटा राशि को देरी से जमा कराने के मामले में सस्पेंड कर दिया है। इस दौरान एसडीएम उचाना को पंचायत का चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंपने के निर्देश दिए हैं ताकि गांव के विकास कार्य में किसी प्रकार की बाधा पैदा न हो।
पेगां गांव के ग्राम सचिव ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अलेवा को सौंपी रिपोर्ट में बताया था कि पेगां गांव की सरपंच रतनी देवी ने शामलात भूमि की कुल पटटा राशि 1681300 रुपये में से 976000 रुपये की राशि पंचायत खाते में जमा नहीं करवाई है। सरपंच को बार-बार पत्र जारी करने और मौखिक आदेश देने के बाद भी शामलात भूमि की पटटा राशि पंचायत के खाते में जमा नहीं करवाई गई।
उसके बाद जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी करके सरपंच को बुलाया गया। निजी सुनवाई के दौरान सरपंच ने बताया कि 18 और 19 मार्च को 45-45 हजार और 15 अप्रैल को पांच लाख 72 हजार रूपये जमा करवा दिए जबकि बीडीपीओ अलेवा की रिर्पोट के अनुसार सात लाख पांच हजार रुपये बकाया है।
इसके बाद बीडीपीओ ने ग्राम पंचायत पेगां को 21 प्रतिशत राशि ब्याज सहित राशि जमा करवाने के निर्देश दिए। इससे पंचायत ने शामलात भूमि की पटटा बकाया राशि को 21 प्रतिशत ब्याज सहित दो लाख 67 हजार 900 रुपये 17 अप्रैल को ग्राम पंचायत पेगां के खाते में जमा करवा दिए लेकिन मामले को लेकर सरपंच की ओर से रुपये देरी से जमा कराने के मामले में डीसी ने सरपंच सस्पेंड कर दिया।
कमिश्रर से की जाएगी अपील : सरपंच
2023-24 में यह शामलाती भूमि की बोली 945000 रुपये से भी कम थी। साल 2024-25 में पंचायत ने 43 प्रतिशत इजाफे के साथ 1681300 रुपये कर दी। शामलात भूमि की बोली अप्रैल महीने में होती है और उस समय किसान के पास रुपये नहीं होते जबकि नियम कहता है कि बोली के 24 घंटे के अंदर रुपये जमा करवाएं अन्यथा किसान की सिक्योरिटी जब्त हो जाती है। इसमें एक मामले में पंचायत को 115000 रुपये का नुकसान हो भी चुका है। उनके द्वारा तो पंचायत को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया क्योंकि 21 प्रतिशत ब्याज सहित रुपये जमा करवा चुकी हूं। यह सब राजनीतिक कारणों के चलते टारगेट किया गया है। कमिश्रर से अपील की जाएगी। अलेवा ब्लाक में एक भी पंचायत ऐसी नहीं जिसने 24 घंटे में बोली के रुपये जमा करवाए हो। अगर ऐसा पाया गया तो जो प्रशासन सजा देगा उससे मंजूर है।
सरपंच रतनी देवी पेगां।