जींद। समाज का आधार शिक्षक है, वह चाहे तो बालक को राजा बना दे, चाहे तो रंक। माता के बाद बच्चों के माता-पिता की भूमिका शिक्षक पर निर्भर करती है। यह उद्गार हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने डीएवी पब्लिक स्कूल अर्बन एस्टेट जींद में आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन करते हुए प्रकट किए।
उन्होंने कहा कि एक सशक्त शिक्षक तैयार करना डीएवी की पहली प्राथमिकता है, क्योंकि जैसा शिक्षक होगा वैसा बच्चा बनेगा और जैसा बच्चा बनेगा वैसा नागरिक बनेगा। कार्यशाला का संचालन हरियाणा शिक्षा बोर्ड के काउंसलर विक्रम चौहान ने किया। उन्होंने समाज और राष्ट्र के बदलाव के लिए शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न प्रकार की एक्टिविटी टीचर से करवा कर क्लास का माहौल पैदा किया व शिक्षक को बच्चा बनकर सीखने की प्रक्रिया पर जोर दिया।
प्राचार्या रश्मि विद्यार्थी ने कहा कि बच्चा हमारी पहली प्राथमिकता है। बच्चों का सर्वांगीण विकास हो, इसके लिए सर्वगुण संपन्न शिक्षक की आवश्यकता रहती है। इसलिए शिक्षकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। शिक्षक और बच्चों के बीच की आयु संबंधी दूरी तथा ज्ञान की परिसीमन करना स्कूल की जिम्मेदारी है तभी स्वस्थ समाज बन सकेगा और सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण होगा। स्कूल खुलने से पहले शिक्षकों को पढ़ाई के लिए तैयार किया जा रहा है ताकि छुट्टियों का प्रभाव कम हो सके।