जींद। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार सुबह मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री के दर्शन कर सुखी जीवन की कामना की। अल सुबह से ही श्रद्धालुओं की शहर के सभी मंदिरों में लंबी-लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई थी।
माता के दर्शनों के लिए महिलाओं की संख्या अधिक थी। नवरात्रों में मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रख कर मंदिर कमेटी द्वारा सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए।
मंदिर प्रबंध समिति ने महिला व पुरुषों के लिए मंदिर प्रांगण में बैरिकेडिंग की गई है। इस दौरान मंदिर की भव्य सजावट की गई। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की चौकसी की गई थी वहीं मेला कमेटी के सदस्य भी पूरी सतर्कता से जुटे रहे।
जयंती मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने कहा कि नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रों में भक्त देवी मां के सभी नौ रूपों की पूजा अर्चना करेंगे। इनमें प्रथम शैलपुत्री, द्वितीय ब्रह्मचारिणी, तृतीय चंद्रघंटा, चतुर्थ कूष्मांडा, पंचम स्कंदमाता, षष्ठम कात्यायनी, सप्तमं कालरात्रि, अष्टमं महागौरी व नव सिद्धिदात्री यह नौ शक्ति स्वरूप हैं।
उन्होंने कहा कि जो नवरात्रों में देवी मां की पूजा करते हैं, देवी मां उनके सभी कष्टों को हर लेती है। मां के भक्तों को चाहिए कि वह प्रथम नवरात्रे को मां की अखंड ज्योत जला कर, कलश स्थापना कर देवालय व अपने घर पर ध्वजारोहण करके दुर्गा सप्तशती, दुर्गा स्तुति और दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
व्रतधारी फलाहार व दूध का सेवन करें। नवरात्र के अंतिम दिन जयंती देवी मंदिर में जागरण व मेले का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर के अंदर रेलिंग व बाहर बैरिकेड लगाए गए हैं। असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस सुरक्षा का प्रबंध किया गया।
22जेएनडी27-नवरात्र के प्रथम दिन मां जयंती देवी मंदिर में बच्चों को प्रसाद वितरित करते हुए श्रद्