वहीं सोनीपत जिला के बनवास गांव निवासी पूनम के भाई वेदपाल ने बताया कि अक्सर मारपीट व झगड़ा होता था। पूनम को दहेज के लिए परेशान किया जाता था। वह जब भी आता था तो पूनम के ससुराल पक्ष के लोग माफी मांग लेते थे। वह भी चाहता था कि घर बस जाए। वहीं पुलिस ने वेदपाल की शिकायत पर पूनम के पति सुखजिंद्र, उसके ताऊ रामफल, ताई कांता, ताऊ के लड़के नरेंद्र, उसकी पत्नी रीना व ताऊ के लड़के मनोज के खिलाफ केस दर्ज किया है।
नौकरी में सफलता पाकर जिंदगी हार गई पूनम
परिजनों ने बताया कि पूनम 2003 में हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स की परीक्षा पास कर ट्रेनिंग भी कर ली थी। अदालत के फैसले के बाद यह भर्ती रद्द कर दी गई थी। जिसके बाद 2017 में प्रदेश सरकार द्वारा पूनम को हरियाणा पुलिस में बतौर एसपीओ लगाया गया था। पूनम का एक 11 वर्षीय लड़का है।
पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि एसपीओ पूनम ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है। पूनम के मायके वालों ने शिकायत दी है। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी प्राप्त हुआ है। ऑडियो क्लिप भी बरामद हुई है, जिसे पूनम ने अपने भाई को भेजी थी। फिलहाल छह लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। जिसमें पति सुखजिंद्र, उसके ताऊ रामफल, ताई कांता, ताऊ के लड़के नरेंद्र, उसकी पत्नी रीना व ताऊ के लड़के मनोज शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। - पुष्पा खत्री, डीएसपी।