एवरेस्ट के काला पत्थर की चोटी पर पहुंचकर रिकार्ड बनाते विराट श्योकंद।
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हौसले की उड़ान उम्र की सीमाओं को नहीं मानती है, तभी बच्चा भी कम उम्र में कुछ अलग कर जाता है। अर्बन एस्टेट निवासी विकास श्योकंद के चार वर्षीय बेटे विराट श्योकंद ने सबसे कम उम्र के पर्वतारोही होने का वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है। इससे पहले यह रिकार्ड मध्यप्रदेश के हर्षित सौमित्र के नाम पर दर्ज था। विराट श्योकंद के बनाए गए रिकार्ड से परिवार में खुशी का माहौल है। विराट श्योकंद ने चार साल की उम्र में पांच हजार 550 मीटर की उंचाई पर काला पत्थर और एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगा लहराया है। परिवार के लोगों के अनुसार विराट श्योकंद एक निजी स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है और बड़े होकर माउंटेनियर बनना चाहता है। विराट के पिता विकास ने बताया कि उसने पिछले दिनों पढ़ा था कि विश्व का सबसे छोटी उम्र में पर्वतारोही बनने का रिकार्ड मध्यप्रदेश के हर्षित सौमित्र के नाम पर है। इस पर उसकी भी इच्छा हुई कि उसका चार वर्षीय बेटा भी इस रिकार्ड को तोड़ सकता है। इसलिए उसने अपने बेटे को दार्जलिंग में एक माह की ट्रेनिंग दिलाई। इसके बाद बीस मार्च का नेपाल के बेस कैंप से एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू की और लगभग एक माह तक चढ़ाई करने के बाद 17 अप्रैल को विराट श्योकंद ने काला पत्थर पर पांच हजार 550 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर तिरंगा लहराया।
हर्षित सौमित्र के नाम पर पहले रिकार्ड
विराट के पिता विकास श्योकंद ने बताया कि पहले यह रिकार्ड मध्यप्रदेश के पांच साल आठ माह के हर्षित सौमित्र के नाम पर दर्ज था। लेकिन उसके बेटे विराट श्योकंद ने चार वर्ष की आयु में इस रिकार्ड को तोड़ दिया है।