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जींद में नवनिर्वाचित सरपंच की गोली मारकर हत्या

Wed, 13 Jan 2016 12:14 AM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
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 चुनावी रंजिश के चलते पहले चरण के नतीजे आने के 36 घंटे बाद ही मंगलवार सुबह गांव खेड़ी तलौडा में नवनिवार्चित सरपंच राकेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

परिजनों ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी उसके परिवार के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है और एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात है।
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मृतक के परिजनों ने हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर जींद-पानीपत मार्ग पर जाम लगाया और आरोपी के घर पर हमला कर दिया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ा।

 पुलिस ने चुनाव में निकटतम प्रतिद्वंद्वी सतबीर, उसके बेटे विजय, भाई रामनिवास, जगजीवन, विनोद व अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। इनमें से सतबीर को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

ग्रामीणों इस मामले में सफीदों विधायक जसबीर देशवाल पर आरोप लगाए हैं,  लेकिन उन्होंने निराधार बताए हैं।
पुलिस के अनुसार गांव खेड़ी तलौडा के नवनिवार्चित सरपंच 45 वर्षीय राकेश यादव सुबह करीब साढ़े 11 बजे गांव में अपने समर्थकों से मिलने के बाद बाइक से घर लौट रहा था।

घर के पास पहुंचा तो सरपंच पद पर उसका निकटतम प्रतिद्वंदी सतबीर, अपने बेटे विजय, भाई रामनिवास के साथ बाइक पर आया। सतबीर व रामनिवास ने राकेश यादव को पकड़ लिया और विजय ने उसकी पीठ में गोली दाग दी। इसके बाद हमलावर फरार हो गए।

परिजनों को पता चलते ही घायल हालत में राकेश यादव को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  
 शव गांव पहुंचा तो फूटा गुस्सा
सरपंच राकेश यादव का शव पोस्टमार्टम होकर गांव पहुंचा तो परिजनों का गुस्सा फुट पड़ा। उन्होंने आरोपी के घर पर हमला कर दिया। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंच गई और हमलावरों को वहां से खदेड़ दिया।

इसी दौरान पुलिस टीम ने हत्या के आरोपी सतबीर को गिरफ्तार कर लिया। उधर जींद-पानीपत मार्ग पर जाम लगा रहे परिजनों और ग्रामीणों को सतबीर की गिरफ्तारी की सूचना मिली तो वे जाम खोलने के लिए तैयार हो गए।
सफीदों विधायक पर भी आरोप
मृतक राकेश यादव के परिजनों व ग्रामीणों ने इस मामले में सफीदों विधायक जसबीर देशवाल की भी संलिप्तता बताई। उनका कहना था कि कुछ आरोपी उनके वहां छिपे बैठे हैं।

हालांकि मुकदमे में उनका नाम नहीं है। उधर विधायक देशवाल ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि न तो वे पीड़ित पक्ष को जानते हैं और न ही आरोपियों से किसी प्रकार का संबंध है। मेरा पूरे मामले से कोई लेनादेना नहीं है और न ही आरोपियों में से किसी को शरण दी है।

जांच में जो भी दोषी पाया जाता है, उसे सजा मिलनी चाहिए।
 सरपंच तो बन गए, सरपंची नहीं करने देेंगे...
मृतक राकेश यादव के बेटे तेजबीर ने बताया कि आरोपी पक्ष ने चुनाव से एक दिन पहले नौ जनवरी को भी गोली मारने की धमकी दी थी और इसकी सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मतदान के दिन भी आरोपियों ने पोलिंग बूथ पर हंगामा किया।

इस दौरान निकटतम प्रतिद्वंदी व उसके परिवार के सदस्यों ने धमकी दी थी कि वह सरपंच तो बन गए, लेकिन सरपंची नहीं करने देेंगे।
आरोपी सतबीर को 30 वोट से हराया था
मृतक के भाई रामकिशन ने पुलिस को बयान दिया कि उसके छोटे भाई राकेश यादव ने सरपंच पद के लिए निकटतम प्रतिद्वंदी सतबीर को 30 वोट से हराया था।

नतीजा आने के बाद मतगणना स्थल पर ही सतबीर के भाई जगजीवन ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी, लेकिन उस समय मामले को शांत कर दिया। इसी रंजिश के चलते मंगलवार को सतबीर और उसके साथियों ने राकेश की गोली मारकर हत्या कर दी।
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नवनिवार्चित सरपंच राकेश यादव की चुनावी रंजिश के चलते हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके आरोपी सतबीर को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
अभिषेक जोरवाल, एसएसपी

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