हरियाणा के जींद जिले के गांगोली गांव में पुरानी रंजिश के चलते गुरुवार सुबह करीब 11 बजे दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धारदार हथियार और गोलियां चलीं। आरोप है कि इसमें एक पक्ष के एसपीओ ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से दूसरे पक्ष पर गोलियां चलाईं, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार घायल हो गए।
वहीं दूसरे पक्ष से भी दो लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। फिलहाल पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। उस समय ग्रामीणों ने मामला शांत करवा दिया था। गुरुवार सुबह फिर इन लोगों के बीच विवाद हो गया। रामकिशन परिवार के बिजेंद्र, विकास, रामकुमार, मंगल और पालेराम को गोलियां लगीं।
इसमें 35 वर्षीय पालेराम की मौत हो गई। खबर लिखे जाने तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। मृतक की पत्नी सीमा और घायल बिजेंद्र ने आरोप लगाए कि उनको गोली एसपीओ कुलबीर ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से मारी हैं।
वहीं दूसरे परिवार के कुलबीर और ओमवीर को भी चोटें आई हैं। मृतक के परिजनों ने बताया कि गुरुवार को उनके परिवार के लोग घर पर थे। इस दौरान सूरता परिवार के रिटायर्ड फौजी कुलबीर जोकि फिलहाल फरीदाबाद में पुलिस में एसपीओ लगा हुआ है, उसने आकर पिस्तौल से उन पर फायरिंग कर दी। परिवार के धर्मपाल उर्फ पालेराम की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि बिजेंद्र के हाथ में, बलराज के पांव में, मंगल के पेट में गोली लगी और रामकुमार को भी चोट आई।
अभी मृतक के परिजनों की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। मृतक की पत्नी सीमा का आरोप है कि एसपीओ कुलबीर ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली चलाई हैं। पुलिस जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह लाइसेंसी थी या अवैध। अभी रिवॉल्वर बरामद नहीं हुई है। घायलों का पीजीआई रोहतक में उपचार चल रहा है। घायलों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस पीजीआई रोहतक गई हुई है। बयान दर्ज करने के बाद ही इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी।
- इंस्पेक्टर हरिओम, थाना प्रभारी पिल्लूखेड़ा