फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जुनैद-नासिर हत्याकांड: अब स्कॉर्पियो चलाने वाले राजबीर की तलाश कर रही पुलिस, हाथ अभी खाली

Mon, 27 Feb 2023 02:04 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

राजबीर भी 19 फरवरी से लापता है। बालाजी ट्रेडर्स से गाड़ी खरीदी थी। पुलिस के हाथ अभी खाली है। 2020 से राजबीर ही इस गाड़ी का प्रयोग कर रहा था। गोरक्षक बताने वाले लोग गाड़ी चलाते थे। आरोपी विकास के परिजनों का भय दूर नहीं हो रहा है, अब पुलिस रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन
वह स्कॉर्पियो गाड़ी जो जींद से हुई थी बरामद। सोशल मीडिया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जुनैद-नासिर हत्याकांड में अब एक नया नाम राजबीर का सामने आया है। राजस्थान पुलिस गोशाला से जिस स्कॉर्पियो गाड़ी को ले गई थी, उसे राजबीर चलाता है और अब राजस्थान पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है, लेकिन वह भी 19 फरवरी से लापता है। पिछले आठ दिन से जींद सीआईए थाने में डेरा डाले बैठी राजस्थान पुलिस बस जांच की बात ही कह रही है।

विज्ञापन


वहीं जिस स्कार्पियो गाड़ी को जिला परिषद ने 2020 में नीलाम कर दिया था, उसे बालाजी ट्रेडर्स के नाम से खरीदा गया था, जो बाद में राजबीर ने खरीद ली थी। 2020 से राजबीर ही इस गाड़ी का प्रयोग कर रहा था। पिछले वर्ष इस गाड़ी को नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में भी देखा गया था।

सोशल मीडिया पर डाले वीडियो के अनुसार इस गाड़ी में फिरोजपुर झिरका के कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की गई थी। यह गाड़ी राजस्थान पुलिस ने 19 फरवरी को जींद की सोमनाथ गोशाला से बरामद की थी। राजस्थान पुलिस सोमनाथ गोशाला में काम करने वाले मैनेजर काकूराम और उसके बेटे से भी पूछताछ कर चुकी है, लेकिन आगे कोई सुराग नहीं लगा है। वहीं अमरहेड़ी रोड स्थित गोसेवा धाम विकलांग गोशाला में सेवादार पप्पू से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है, लेकिन राजबीर के बारे में कोई सुराग नहीं लगा।
विज्ञापन


विकलांग गोशाला चलाता है राजबीर
स्कॉर्पियो गाड़ी को चलाने वाला राजबीर कैथल रोड पर अमरहेड़ी गांव के पास गोसेवा धाम विकलांग गोशाला का संचालक भी है। वह यहां विकलांग गायों को रखता है और उनका इलाज करवाता है। जब गाय ठीक हो जाती हैं तो उनको दूसरी गोशालाओं में छोड़ा जाता है। इसमें राजबीर को काफी लोग चंदे द्वारा मदद करते हैं। राजबीर ने यहां गांव नगूरां निवासी पप्पू को सेवादार के रूप में रखा हुआ है। पप्पू यहां दिन रात रहता है और तनख्वाह पर काम करता है। यह स्कॉर्पियो गाड़ी इसी गोशाला में आती थी। पप्पू ने बताया कि राजबीर ही इस गोशाला को चलाता है और वह गाड़ी राजबीर की है।

परिजनों के बाद अब रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित कर रही राजस्थान पुलिस
इस हत्याकांड में आरोपी बनाए गए विकास की तलाश में राजस्थान पुलिस जींद में बैठी है, लेकिन वह उसके हाथ नहीं लगा। राजस्थान पुलिस विकास की मां बोहती देवी, पिता प्रताप सिंह, भाई प्रवीण कुमार से भी पूछताछ कर चुकी है, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। प्रवीण को तो पुलिस ने काफी टॉर्चर भी किया है। जब परिवार के लोगों से कोई बात नहीं बनी तो अब राजस्थान पुलिस ने विकास के मामा को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन पुलिस के हाथ यहां भी खाली ही रहे।

दूसरे जिलों में दबिश दे रही राजस्थान पुलिस
पिछले आठ दिनों से जींद में बैठे राजस्थान पुलिस कर्मी अब जींद में हाथ खाली रहने के बाद भिवानी व कैथल चले गए हैं। सीआईए थाना जींद में अभी तक राजस्थान पुलिस के 20 पुलिस कर्मी रुके थे। अब राजस्थान पुलिस ने अपने दो कर्मचारी जींद में रोक दिए हैं ताकि कोई सुराग लगे तो स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश दी जा सके। इसके अलावा अन्य सभी 18 अधिकारी व कर्मचारी भिवानी व कैथल पहुंच चुके हैं। यहां पर भी इस हत्याकांड के आरोपी हैं।

जींद के अलावा कई जिलों में जांच चल रही है। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि पूरे मामले का खुलासा करते हुए जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -हिम्मत सिंह, डीएसपी भरतपुर, राजस्थान पुलिस

बोलेरो में मिली हड्डियां और खून नसीर और जुनैद के...

इस बीच राजस्थान पुलिस ने इस मामले को लेकर खुलासा किया है। आईजी भरतपुर के मुताबिक डीएनए टेस्ट के नतीजे आ गए हैं और इस बात की पुष्टि हो गई है कि बोलेरो से बरामद जली हुई हड्डियां नसीर और जुनैद की ही थीं और जिस स्कॉर्पियो में उनका कथित रूप से अपहरण हुआ और पिटाई की गई थी, उसमें पाया गया खून भी उन्हीं का था।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें