जिले के विभिन्न थानों में जमा असलाह को एक सप्ताह के अंदर वापस लेने के लिए आदेश जारी किए हैं। अगर थाने में जमा असलाह को एक सप्ताह के अंदर वापस नहीं लिया तो उनके लाइसेंस को रद्द कर दिया जाएगा और पुलिस असलाह को जब्त कर लेगी।
इसके लिए एसएसपी शशंाक आनंद ने सभी थाना प्रभारियों को आदेश जारी करके उनके थाने में जमा असलाह को उसके मालिकों को तुरंत ही वापस करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के असलाह थाने में जमा हैं, लेकिन उनकी मौत हो चुकी है तो उसके परिचित कानूनी प्रक्रिया के तहत उस असलाहे को ले सकते हैं। एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि जिले के थानो में लंबे समय से असलाह जमा है, लेकिन उनके लाइसेंस धारक उनको लेकर नहीं जा रहे हैं। इसके लिए पुलिस को उन लोगों को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन उसके बावजूद भी असलाह को लेकर नहीं जा रहे है।
इसके चलते अब पुलिस ने असलाह नहीं ले जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। पुलिस ने असलाह को वापस लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है, अगर इस समयावधि में असलाह नहीं लिया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनके लाइसेंस को रद्द किया जा सकता है।
पुलिस कर रही कार्रवाई
फरवरी 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पिल्लूखेड़ा थाने में अज्ञात लोगों ने थाने में जमा लोगों के असलहे को लूट लिया था। इसके बाद थाने में जमा असलाह का आज तक सुराग नहीं लगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब फिर से जाट आरक्षण आंदोलन चल रहा है और पुलिस ने ऐतिहात के तौर पर थानों में जमा असलाह को उनके लाइसेंस धारकों को ले जाने के आदेश दिए है। पिल्लूखेड़ा थाने से गायब असलाह को लेने के लिए लोग काफी समय से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका सुराग नहीं लग पा रहा है।