भटनागर कालोनी में लगभग एक साल पहले मकान में आग लगाकर मां-बेटी को जिंदा जलाने के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। शहर थाना पुलिस के अनुसार शहर की भटनागर कॉलोनी निवासी वेदो पत्नी लख्मीचंद की बेटी सुनीता गांव उमरा निवासी राजबीर से शादी हुई थी। नवंबर 2015 को सुनीता अपनी मां वेदो से मिलने के लिए भटनागर कालोनी में आई थी। छह नवंबर 2015 की रात को मां-बेटी मकान के अंदर सो रही थी, लेकिन अचानक मकान में आग लगने से दोनों जिंदा जल गई थी।
बाद में पुलिस की सहायता के दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। उस समय पुलिस ने शार्ट सर्किट के चलते मकान में आग लगाने का मामला माना और इत्तफाकिया कार्रवाई कर दी। लेकिन लगभग एक साल बाद हांसी की अपराध शाखा पुलिस ने मृतका सुनीता के पति राजबीर को पकड़ लिया। जहां पर उसने खुलासा किया कि उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी पत्नी सुनीता व सास वेदो देवी को मकान में आग लगाकर जिंदा जलाया था।
उसने खुलासा किया कि उसकी पत्नी सुनीता के साथ अनबन चल रही थी। इसी के कारण उसने मां-बेटी को योजनाबद्ध तरीके से जला दिया। मामला सामने आने के बाद शहर थाना पुलिस ने मृतका वेदो के बेटे कपिल की शिकायत पर गांव उमरा निवासी राजबीर, विनोद, बलजीत तथा हांसी निवासी रिषि के खिलाफ किया मामला दर्ज किया था। इस दौरान पुलिस पूछताछ में गांव उमरा निवासी राजबीर, विनोद, मसुदपुर हिसार निवासी धर्मबीर उर्फ रिषी को गिरफ्तार करके पूछताछ शुरू कर दी।