कान्फेड से सेवानिवृत्त ईश्वर सिंह की मौत के बाद पांच दिन से चल रहे विवाद का रविवार देर शाम को कमेटी की परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार से हुई बातचीत के बाद पटाक्षेप हो गया। परिवहन मंत्री के साथ लगभग दो घंटे हुई बातचीत के दौरान कमेटी द्वारा रखी गई मांगों पर सहमति बन गई। इस दौरान परिवहन मंत्री ने स्टोर कीपर पर दर्ज मामले की सीबीआई से जांच, परिवार के एक सदय को नौकरी, 10 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के चार सदस्यों को आर्म्स लाइसेंस व स्टोर कीपर की तरफ कान्फेंड की 41 लाख रुपये की देनदारी का समाधान करने व आरोपी डीएफएससी अशोक रावत, तत्कालीन थाना प्रभारी रामनिवास व कान्फेड के ठेकेदार की गिरफ्तारी करने के लिए लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद धरने पर बैठे लोगों ने शव को उठाने के लिए तैयार हो गया और धरने को समाप्त करने की घोषणा कर दी।
शव को परिजन सोमवार सुबह नागरिक अस्पताल से उठाएंगे और उसका अंतिम संस्कार करेंगे। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार से शनिवार देर शाम से बातचीत नहीं होने के मुद्दे को लेकर रविवार को धरने पर गठित कमेटी के सदस्यों की नागरिक अस्पताल के एक बंद कमरे में बैठक हुई। जहां पर सहमति बनाई गई कि परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार को बातचीत के लिए दोबारा बुलाया जाए या नहीं। बाद में कमेटी के मैसेज भेजने के बाद शाम को परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार नागरिक अस्पताल में पहुंच गए। जहां पर 13 सदस्यीय कमेटी व मृतक के बेटे दीपक, भतीजे दिनेश खापड़ की मौजूदगी में लगभग नागरिक अस्पताल की ट्रेनिंग सेंटर के कांफ्रेंस हाल में लगभग दो घंटे बातचीत चली। जहां पर पहले दौर की बातचीत करने के बाद कमेटी के सदस्य परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार के पास से बाहर आ गए और बंद कमरे में कमेटी के सदस्यों ने दोबारा से रणनीति तैयार की। लगभग 15 मिनट तक कमेटी ने रणनीति तैयार करने के बाद दोबारा से परिवहन मंत्री से दूसरे दौर की बातचीत हुई। जहां पर परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार व कमेटी के बीच में लंबी वार्ता चलने के बाद मांगों के सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई। बातचीत के बाद कमेटी सदस्य धरना स्थल पर पहुंचे। जहां पर मंत्री के साथ हुई बातचीत का ब्यौरा रखा और धरने पर बैठे लोगों द्वारा आश्वासन पर सहमति जताने के बाद परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार लोगों के बीच में पहुंचे। जहां पर सातों मांगों को बिंदुवार लोगों के बीच में रखकर एक-एक का समाधान करने का आश्वासन दिया।
परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी
परिवहन मंत्री ने कहा कि उसके परिवार के साथ किसी भी प्रकार का धोखा नहीं होने दिया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर दिए है और इसके लिए सात टीमों का गठन किया गया है। आरोपियों की हर हाल में गिरफ्तारी की जाएगी और इसके लिए एसएसपी शशांक आनंद की तरफ से लिखित में आश्वासन दिया जाएगा। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, 10 लाख रुपये की सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
ईश्वर की तरफ है 41 लाख की रिकवरी
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि करीब 10 साल पुराने एक मामले में मृतक स्टोर कीपर ईश्वर सिंह के खिलाफ विभाग की 41 लाख रुपये की रिकवरी है। बातचीत में तय हुआ कि इस राशि का भी समाधान किया जाएगा। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। इसके अलावा परिवार के चार सदस्यों के आर्म्स लाइसेंस बनाए जाएंगे। इसके लिए परिवार के सदस्य जिला प्रशासन के पास फाइल दे दें। स्टोरी कीपर ईश्वर सिंह के खिलाफ सभी दर्ज मामलों की सीबीआई से जांच करवाई जाएगी।
कमेटी के खिलाफ केस हों रद्द
इस दौरान कमेटी के सदस्यों ने कहा कि पुलिस ने उनके 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पर मंत्री ने एसएसपी शशांक आनंद को मौके पर बुलाकर निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार का कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाए, अगर कोई मामला दर्ज भी कर लिया है तो उसके तुरंत ही रद्द कर दिया जाए। इसके बाद धरने पर बैठे लोगों ने कमेटी के सदस्यों से बातचीत की और धरना खत्म करने के लिए राय मांगी। इस पर धरने पर बैठे लोगों ने परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार द्वारा दिए गए आश्वासन पर सहमति जताते हुए धरने को समाप्त करने का आश्वासन दिया और शव को उठाने पर सहमति जता दी। मृतक के भतीजे दिनेश खापड़ ने कहा कि मंत्री ने उसकी सभी मांगों को मान लिया है। मांगों पर सहमति बनने के चलते धरने को समाप्त कर दिया है।
डीसी और एसएसपी को निकाला बाहर
परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार से जब कमेटी के सदस्य अस्पताल के ट्रेनिंग सेंटर के कांफ्रेंस हाल में पहुंचे वहां पर डीसी विनय सिंह, एसएसपी शशांक आनंद, एसडीएम सतबीर सिंह कुंडू, डीएसपी बैठे थे। जहां पर कमेटी के सदस्यों ने अधिकारियों के बैठने की बात पर एतराज जता दिया। इसके बाद परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को कांफ्रेंस हाल से बाहर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद मंत्री व कमेटी के बीच में लगभग एक घंटा बातचीत चलने के बाद डीसी व एसएसपी को बातचीत वाले कमरे में बुलाया गया।
मंत्री से बातचीत नहीं करने के चलते पूरे दिन बैकफुट रही कमेटी
शनिवार देर शाम को बातचीत के लिए पहुंचे परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार से कमेटी द्वारा बातचीत नहीं करने के मुद्दे को लेकर धरना स्थल पर पूरे दिन विचार विमर्श चलता रहा। कमेटी के सदस्यों ने अपनी-अपनी राय रखी। इसके बाद दोपहर को कमेटी के सदस्यों ने बंद कमरे में बातचीत करके फैसला लिया कि मंत्री को दोबारा से बातचीत के लिए बुलाया जाए।
ईश्वर की बहनों ने दी आत्महत्या की चेतावनी
इससे पहले दोपहर करीब तीन बजे ईश्वर की नौ बहनों ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे में उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे आत्मदाह कर लेंगी। हालांकि तब तक कमेटी का बातचीत का संदेश मंत्री कृष्ण लाल पंवार के पास पहुंचाया जा चुका था।
विभाग की 41 लाख की देनदारी है ईश्वर पर
परिवहन मंत्री व कमेटी के बीच में हुई बातचीत में सामने आया कि सेवानिवृत्त स्टोर कीपर ईश्वर सिंह की तरफ से कान्फेड की 41 लाख रुपये की देनदारी है। विभाग का बाजार की पेमेंट विभाग में जाम नहीं करवाने के चलते मामला अदालत में चल रहा है। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है। सरकार इस मामले का विभाग से संपर्क करके समाधान करवाएगी।
कमेटी की मांग, मंत्री का जवाब
1 कमेटी : सेवानिवृत्त स्टोर कीपर को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने वाले अधिकारियों की गिरफ्तारी हो।
मंत्री : मामले के आरोपी डीएफएससी अशोक रावत, तत्कालीन थाना प्रभारी रामनिवास, ठेकेदार राकेश कुमार को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों को पुलिस जरूर गिरफ्तार करेगी, इसके लिए एसएसपी की तरफ से परिवार को लिखित में दिया जाएगा। गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट लिए जा चुके है।
2. कमेटी : परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
मंत्री : परिवार के एक सदस्य को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसका आश्वासन सीएम ने दिया है। इसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
3. कमेटी : परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
मंत्री : परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर सीएम ने उनको दस लाख रुपये तक की सहायता देने की बात कहकर भेजा था। बाकी एससीएसटी एक्ट के तहत प्रशासन की तरफ से दी जाने वाली राशि भी दिलाई जाएगी।
4. कमेटी : ईश्वर सिंह की तरफ विभाग की बकाया राशि का किया जाए समाधान।
मंत्री : मृतक ईश्वर सिंह की तरफ कान्फेंड के लगभग 43 लाख रुपये की देनदारी है। इसकी रिकवरी के लिए विभाग अदालत में गया है। अदालत का मामला है। इसलिए मीडिया के समक्ष कुछ नहीं बोलेंगे। जबकि कमेटी के लोगों ने बताया कि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस राशि को सरकार की तरफ से माफ कर दिया जाएगा।
5. कमेटी : परिवार के सदस्य का आर्म्स लाइसेंस बनाया जाए।
मंत्री : परिवार के चार सदस्यों के रिकार्ड की जांच करके उनके आर्म्स लाइसेंस बना दिए जाएंगे और इसके लिए परिवार के सदस्य प्रशासन के पास फाइल जमा करवा दे। परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाएगी।
6. कमेटी : ईश्वर सिंह पर चल रहे भ्रष्टाचार की सीबीआई से जांच हो।
मंत्री : ईश्वर सिंह पर जो राशन के फर्जीवाड़े का मामला दर्ज चल रहा है उसकी सीबीआई से जांच करवाई जाएगी। इसके लिए कमेटी के सदस्य कल ही डीसी व एसएसपी से मिलकर सीबीआई जांच के लिए प्रार्थना पत्र दे दें। जहां से अधिकारी सरकार के पास फारवर्ड कर देेंगे। इसके बाद सरकार इसकी सीबीआई जांच करवा देगी। जबकि कमेटी के सदस्यों ने बताया कि मंत्री ने उनके इस मामले को रद्द करने का आश्वासन दिया है। जबकि मंत्री ने धरना स्थल पर मीडिया का हवाला देकर इस मामले को रद्द करने पर कुछ भी नहीं बोलने से मना कर दिया।
7. कमेटी: धरने पर बैठे किसी भी सदस्य पर मामला दर्ज न हो
मंत्री : मंत्री ने धरना स्थल पर एसएसपी शशांक आनंद को बुलाकर धरने पर बैठे किसी भी सदस्य पर कोई मामला दर्ज नहीं करने के आदेश दिए। अगर पुलिस ने कोई मामला दर्ज भी कर रखा है तो उसे तुरंत ही रद्द किया जाए।
15 लोगों पर मामला दर्ज, होंगे रद्द
शव को नहीं उठाने व नागरिक अस्पताल में धरना देकर नियमों की अवहेलना करने पर शहर थाना पुलिस ने धरने पर बैठे 15 लोगों पर मामला दर्ज किए थे। इसमें जेएनयू के छात्र प्रदीप नरवाल, छात्रा श्रेया, सौम्या, कामिद, अमीर गांव खापड़ निवासी दिनेश, गांव भूरायण निवासी महासिंह, अनिल रंगा, देशराज सिरोहा, एडवोकेट रजत कंसल, विजय बौद्ध, दलबीर घसो, वजीर मेहरा, बलवान, सेवानिवृत्त एसआई ईश्वर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लेकिन परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार के आदेश पर पुलिस इन दर्ज मामलों को रद्द करेगी।
मांगें नहीं मानी तो फिर होगा आंदोलन
सरकार से बातचीत के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया गया है। कमेटी ने सरकार में पूरा विश्वास जताया है। यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। -प्रदीप नरवाल, कमेटी सदस्य।