रोडवेज की सब डिपो नरवाना में 25 लाख रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने मृत हेड कैशियर सहित चार कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रोडवेज महाप्रबंधक जींद कार्यालय ने शहर थाना नरवाना पुलिस में दी शिकायत में बताया कि सब डिपो नरवाना के हेड कैशियर राधेश्याम ने सात सितंबर को सुसाइड कर लिया था। सुसाइड करने से पहले राधेश्याम ने सुसाइड नोट लिखा था। इसमें रोडवेज के कुछ कर्मचारियों पर गबन करके पैसे वापस नहीं देने के आरोप लगाए थे। गबन का मामला सामने आते ही रोडवेज के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
विभाग के महाप्रबंधक ने नरवाना कैश ब्रांच का पूरा रिकॉर्ड कब्जे में लेकर जांच करवाई, जिसमें लगभग 25 लाख रुपये की हेराफेरी सामने आई। गबन का मामला सामने आने के बाद नरवाना बस स्टैंड में कैशियर अमरीक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। जांच में सामने आया कि कैशियर अमरीक सिंह पिछले छह-सात माह से कैश ब्रांच में कार्य कर रहा था। गबन के इस मामले में अमरीक सिंह के अलावा रोडवेज परिचालक राजकुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। गबन का मामला खुलता देखकर परिचालक राजकुमार पिछले दिनों नरवाना बस स्टैंड से बदलकर कैथल बस डिपो में चला गया। शहर थाना नरवाना पुलिस ने महाप्रबंधक आरएस पूनिया की शिकायत पर मृत हेड कैशियर राधेश्याम, कैशियर अमरीक सिंह, परिचालक राजकुमार और रमन के खिलाफ गबन तथा धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
एक सप्ताह का कैश नहीं जमा करवाया डिपो में
रोडवेज अधिकारियों द्वारा जांच करने पर पाया कि सब डिपो के अंतर्गत चलने वाली रोडवेज बसों का एक सप्ताह में बेची गई टिकटों से आए कैश को विभाग के खाते में जाम नहीं करवाया। गबन के मामले की शुरुआत 30 अगस्त से शुरू हुई और सात सितंबर तक बिकी लगभग 25 लाख रुपये की टिकटों का कैश विभाग के खाते में जमा करवाने की बजाए अपने पास रख लिया। इसी दौरान सात सितंबर को हेड कैशियर राधेश्याम ने सुसाइड कर लिया। इसके बाद रोडवेज अधिकारियों को गबन का पता चला।
रोडवेज महाप्रबंधक कार्यालय से 25 लाख रुपये के गबन की शिकायत मिली है। गबन के एक आरोपी हेड कैशियर ने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में कुल चार लोगों के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। रोशनलाल, एएसआई, जांच अधिकारी