गांव करसिंधू के पास एक हैचरी से पुलिस ने सात बंधक बनाए गए मजदूरों को छुड़वाया है। इनमें से तीन नाबालिग हैं। मजदूरों ने हैचरी मालिक पर जबरदस्ती काम कराने व पिछले पांच माह से वेतन नहीं देने का आरोप लगाया है। करसिंधू गांव स्थित एक हैचरी में बिहार के जिला बेगूसराय के गांव सादपूर निवासी 16 वर्षीय गोलू, 15 वर्षीय मिथुन, 15 वर्षीय लव कुमार, 23 वर्षीय अमित, 19 वर्षीय मोहित, 18 वर्षीय देवराज व यूपी निवासी 21 वर्षीय लक्की पांच माह से काम कर रहे थे। इन मजदूरों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से पैसे मांगने को लेकर हैचरी के संचालकों ने उक्त सभी मजदूरों के साथ मारपीट की और जबरदस्ती काम कराने लगे। मंगलवार को यह मारपीट हद से गुजर गई तो चकमा देकर लकी उनके कब्जे से निकल कर 100 नंबर पर फोन कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो हैचरी के कार्यालय में रोते बिलखते कुछ बच्चे मिले। पुलिस ने सभी मजदूरों से डीएसपी कार्यालय में लाकर पूछताछ की।
होता है जानवरों जैसा व्यवहार
सब से कम उम्र के मजदूर लव कुमार ने बताया कि उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है। हम तो अपने परिजनों से मिलने के लिए आए थे, उन्होंने जबरदस्ती हमें यहां रख लिया और काम कराने लगे। उसने बताया कि हैचरी के मालिक उन्हें पैसा देने की बात कहता था, लेकिन उन्होंने तो भर पेट खाना भी नहीं दिया। काम करने से मना किया तो उन्होंने बुरी तरह से पिटाई शुरू कर दी। हमने पांव तक पकड़े, लेकिन उन्होंने फिर भी उनके साथ मारपीट की।