लखीमपुर खीरी के थाना पसगवां क्षेत्र के गांव कंजा में मंगलवार की सुबह 30 वर्षीय क्रांति देवी अपनी झोपड़ी में संदिग्ध हालत में झुलसी मिली गई। उसे जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बहन ने मृतका के ससुराल वालों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतका के पति सुधाकर ने बताया कि मंगलवार की सुबह वह पत्नी क्रांति और परिवार के अन्य लोग खेत पर धान काट रहे थे। क्रांति ने बताया कि उसकी मां मंगलवार को घर आने को हैं। इस पर उसने क्रांति से कहा कि घर जाकर उनके लिए कुछ खाने को बना लो। क्रांति घर खाना बनाने चली गई। कुछ देर बाद क्रांति के घर से धुआं उठाता दिखाई दिया तो ग्रामीणों ने शोर मचाया। ग्रामीणों ने बमुश्किल की मदद से झोपड़ी में लगी आग बुझाई। आग की चपेट में आकर क्रांति बुरी तरह झुलस गई। परिवार वाले उसे लेकर जिला अस्पताल गए। जहां उसे डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची मृतक की बहन गीता ने बताया कि आठ साल पहले क्रांति की शादी सुधाकर से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे परेशान करते थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिवार वालों को सौंप दिया।