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अलेवा थाना क्षेत्र में किशोरी की मौत का मामला, पुलिस के निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद परिजनों ने उठाया शव

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शव मिलने के 36 घंटे बाद किशोरी का हुआ अंतिम संस्कार, डीएसपी आरोपों का नहीं दे सके जवाब
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रविवार सुबह गांव के जलघर में मिले किशोरी के शव का 36 घंटे के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। दूसरी तरफ रविवार की तरह ही सोमवार को भी परिजन व विभिन्न संगठनों के लोग धरना जारी रखा। शाम करीब पांच बजे परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हुए तो शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस के अनुसार इस मामले की हत्या और आत्महत्या दोनों ही एंगल से जांच की जा रही है। सभी संदिग्ध लोगों की कॉल डिटेल निकलवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के लिए 17 वर्षीय किशोरी पांच अप्रैल को घर से गायब हो गई थी। इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी तो छह अप्रैल को एफआईआर दर्ज कर ली गई। सात अप्रैल की सुबह किशोरी का शव गांव के जलघर के वाटर टैंक में उतराता मिला। परिजनों ने गांव के ही तीन युवकों पर दुष्कर्म और हत्या करने का आरोप लगाया। सोमवार को किशोरी के शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में हुआ। बाद में शव को जींद के नागरिक अस्पताल लाया गया, लेकिन परिजनों ने यहां से शव को उठाने से मना कर दिया। परिजनों व धरना दे रहे अन्य संगठनों के लोगों ने आरोप लगाया कि यह सब पुलिस की लापरवाही से हुआ है। ऐसे में पुलिस को दोषी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।
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युवती के मोबाइल से खुला राज
इस मामले में परिजनों को किशोरी के बैग से एक मोबाइल फोन मिला। फोन में गांव के ही एक युवक से बातचीत व मेसेज की जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने आरोपी युवक को पुलिस के हवाले किया था। युवक ने अपने साथ तीन और लोगों के नाम भी लिए थे, लेकिन पुलिस ने इस युवक को गांव के ही कुछ लोगों के कहने पर छोड़ दिया। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो लड़की की जान बच सकती थी।
परिजनों के आरोपों का जवाब नहीं दे पाई पुलिस
मौके पर किशोरी के परिजनों को समझाने के लिए डीएसपी दलीप सिंह पहुंचे, लेकिन यहां परिजनों ने जो सवाल पुलिस पर दागे, उनका जवाब पुलिस देते नहीं बने। परिजनों ने कहा कि जब परिजनों ने पांच अप्रैल को शिकायत दी तो पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की। उल्टा घरवालों को दबाया गया। आरोपी को पुलिस के हवाले किया गया और आरोपी ने पुलिस की मौजूदगी में स्वीकारा कि उसकी बात किशोरी के साथ होती थी। फिर भी उसे छोड़ दिया गया। पुलिस ने जानबूझकर शव को रोहतक भेजा और पोस्टमार्टम भी रविवार की बजाये सोमवार को हुआ।
विसरा रिपोर्ट का इंतजार
हालांकि किशोरी के शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में हुआ है, लेकिन पुलिस को अभी भी विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम में न तो किसी चोट की पुष्टी हुई है और न ही दुष्कर्म की। ऐसे में अब केमिकल व अन्य रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी।
जलघर में शव मिलने पर सवाल उठा रहे परिजन
वहीं परिजनों का कहना है कि जलघर के आसपास मकान बने हुए हैं और वहां हर समय कर्मचारी तैनात रहते हैं। ऐसे में जलघर के वाटर टैंक में शव कैसे पहुंचा यह बहुत बड़ा सवाल है। परिजनों का कहना है कि इस हत्या के पीछे बहुत बड़ी साजिश है।
शव उठाने पर आपस में हुई तकरार
किशोरी का शव उठाने को लेकर उसके परिजन सहमत हो गए, इस पर धरने पर पहुंचे कई संगठन के लोगों ने इसे गलत बताया। इसको लेकर किशोरी के परिजनों व रिश्तेदारों के बीच तकरार भी हो गई, लेकिन यह मामला बाद में सुलझ गया।
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मौत के कारण से खुलेगा राज
पोस्टमार्टम में किसी भी प्रकार का ऐसा तथ्य नहीं मिला है, जिस पर कोई कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को काबू कर लिया है, लेकिन मौत के कारण का पता चलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
दलीप सिंह, डीएसपी।
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