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स्वास्थ्य विभाग ने रोकी 163 स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत की राशि, अब स्वास्थ्य महानिदेशक ने भेजा पत्र, राशि लेप्स हुई तो सिविल स

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
जींद के स्वास्थ्य विभाग में सरकार द्वारा दी गई राशि से विकास कार्य नहीं करवाने पर अब राशि लेप्स होने के कगार पर पहुंच गई, लेकिन विभाग मुख्यालय से मार्ग दर्शन ही मांगता रह गया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने बुधवार को पत्र भेज कर विकास कार्यों की राशि जिला परिषद के बैंक खाते में डालने के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ शब्दों में लिखा है कि यदि यह राशि लेप्स होती है तो संबंधित सिविल सर्जन इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
दरअसल पिछले साल 14 नवंबर को प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर में स्वास्थ्य केंद्रों के भवन की मरम्मत के लिए राशि जारी की थी। इसके तहत जींद जिला के 163 स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 68 लाख 17 हजार 491 रुपये की राशि मिली। नियमानुसार इस राशि को जिला परिषद द्वारा खर्च किया जाना चाहिए था। जिला परिषद द्वारा पिछले साल ही चार दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा। इसमें यह राशि जिला परिषद के बैंक खाते में जमा करवाने के लिए कहा गया। इस राशि के लिए जिला परिषद के सीईओ ने एसबीआई की डीआरडीए शाखा का खाता नंबर भी दिया। तीन महीने तक स्वास्थ्य विभाग ने इस पत्र पर ध्यान नहीं दिया और जब मार्च महीना शुरू हुआ तो एक मार्च को स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्यालय को पत्र भेजा गया, जिसमें मार्ग दर्शन मांगा गया कि इस राशि का क्या किया जाए। ऐसे में यह राशि लेप्स होने के कगार पर पहुंच गई। यह पत्र जाने के बाद अब स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय ने जींद के सिविल सर्जन को पत्र भेज कर राशि यह राशि जिला परिषद के खाते में जमा करवाने के आदेश दिए हैं।
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11 करोड़ की ग्रांट हुई थी अलाट
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 21 जिलों में स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत के लिए कुल 11 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। इसमें जींद के भी 163 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन पर 68 लाख 17 हजार 491 रुपये खर्च किए जाने थे।

लिख चुके हैं पत्र
इस राशि से होने वाले विकास कार्य के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखे गए हैं। बार-बार पत्राचार करने के बावजूद राशि नहीं मिली है। यदि राशि मिलती है तो इससे विकास कार्य करवाए जाएंगे।
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मनदीप कुमार, सीईओ, जिला परिषद जींद।

स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसा कोई आदेश नहीं था, जिसके तहत यह राशि जिला परिषद को ट्रांसफर की जाती। अब महानिदेशक से पत्र प्राप्त हो गया है। ऐसे में राशि ट्रांसफर करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
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