अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सफीदों निवासी जयकिशन ने डीसी कार्यालय के एक पूर्व कर्मचारी पर जींद में रहते हुए सीटीएम की जगह खुद के हस्ताक्षर कर हथियार धारकों को हथियार बेचने की स्वीकृति देने का मामला सामने आया है। हालांकि शिकायतकर्ता इसकी शिकायत पहले भी डीसी ऑफिस से लेकर सीएम विंडो पर देने का दावा कर रहा है, लेकिन डीसी अमित खत्री इस मामले की जानकारी होने से मना कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता जयकिशन ने बताया कि चार जून 2014 को कृष्ण, तेजपाल, नेत्रपाल, संजय कुमार, संदीप कुमार और 31 जुलाई 2014 को सतीश कुमार को हथियार बेचने की अनुमति दी गई। यह अनुमति नियमानुसार डीसी कार्यालय द्वारा दी जानी चाहिए। नियमानुसार इस स्वीकृति पर नगराधीश के हस्ताक्षर होने चाहिए थे, लेकिन एक कर्मचारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए खुद के हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने बताया कि 28 मई 2014 से पांच मई 2015 तक नगराधीश का कार्यभार मेजर गायत्री अहलावत, एचसीएस के पास रहा। नियमानुसार हथियार बेचने की स्वीकृति पत्र पर मेजर गायत्री अहलावत के हस्ताक्षर होने चाहिए थे, लेकिन एक कर्मचारी ने खुद के हस्ताक्षर करके लोगों को हथियार बेचने की स्वीकृति प्रदान कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार को जमकर बढ़ावा दिया गया। शिकायत कर्ता जयकिशन ने कहा कि उन्होंने पांच माह पहले इस मामले की शिकायत सीएम विंडो, डीसी एवं अन्य उच्च अधिकारियों को की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज एक बार फिर से वे मामले की शिकायत उपायुक्त को देने आए हैं। मामले में डीसी अमित खत्री ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो यह सरासर गलत है। इस पूरे मामले की उच्च अधिकारी द्वारा जांच करवाई जाएगी।