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पैसे के लिए ही किया था छात्र अक्षय का चार युवकों ने अपहरण, छात्र का दादा अभी रेलवे से हुआ था रिटायर

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दादा रेलवे से हुए थे रिटायर, मोटी रकम मिलने की सोच कर अक्षय का किया था अपहरण
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। संत नगर निवासी 16 वर्षीय छात्र अक्षय का चारों युवकों ने शनिवार रात को पैसे के लिए ही अपहरण किया था। अक्षय के दादा अभी रेलवे विभाग से रिटायर हुए हैं। इस कारण अपहरणकर्ताओं ने सोचा कि अक्षय का अपहरण करके मोटी रकम वसूली जा सकती है। अपहरण के लिए मुख्य साजिशकर्ता गांव शामलो कलां निवासी अनिल का अक्षय के पड़ोस में आना-जाना था। इसलिए अनिल को पता था कि अभी अक्षय के दादा रिटायर होकर काफी पैसे लेकर आए हैं, लेकिन आरोपियों को क्या पता था कि अक्षय उनकी गिरफ्त से फरार हो जाएगा। उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार मामा-भांजे अनिल व अजय को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के निर्देश दिए। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों को जिस गाड़ी में अक्षय का अपहरण किया गया और जिस मोबाइल से अक्षय की मां संतोष को फोन किया गया वह भी बरामद कर लिया गया। एक चाकू भी मिला है।
डीएसपी पवन शर्मा, शहर थाना प्रभारी दिनेश कुमार व पटियाला चौक चौकी प्रभारी यशवीर ने बताया कि संत नगर में जिस मकान में अक्षय का परिवार रहता है, उसके पड़ोस में शामलो कलां निवासी अनिल का आना-जाना है। इसलिए अनिल को पता था कि अक्षय के घर में कब क्या हो रहा है। अक्षय के पिता की मौत हो चुकी है। अक्षय अपनी मां व दादा के साथ रहता है। अभी अक्षय के दादा रेलवे से रिटायर हुए हैं। अनिल यह जानता था कि अक्षय के दादा काफी पैसा लेकर आए है। इसलिए उसने अक्षय के अपहरण की योजना बनाई। रात नौ बजे अक्षय गली में खड़ा था। उसी समय अनिल ने उसको 500 रुपये देकर पटियाला चौक से आइसक्रीम लाने के लिए भेजा। इसके बाद अनिल ने अपने साथियों गांव बरसोला निवासी अजय, हकीकत नगर निवासी कर्ण व दरियावाल निवासी प्रदीप को फोन करके अक्षय का अपहरण करने के लिए कहा। अनिल ने अपने तीनों साथियों के साथ पहले ही मिलकर अक्षय के अपहरण की योजना बना रखी थी। इसके बाद तीनों ने पटियाला चौक के पास से अक्षय का अपहरण कर लिया। बाद में अनिल भी उनके पास पहुंच गया। चारों अपहरणकर्ता उसे कैथल रोड पर ले गए, जहां उसकी पिटाई की। इसके बाद उसे सफीदों रोड स्थित एकता नगर में ले गए, जहां फिर से उसकी फिर से पिटाई की। आरोपियों ने इसी बीच अक्षय के फोन से उसकी मां संतोष को फोन करके 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसके बाद आरोपियों ने उसे बेहोश समझकर एक कमरे के बाथरूम में बंद कर दिया। किसी तरह से अक्षय उनके चंगुल से निकलकर फरार हो गया। उसने इसकी सूचना पुलिस व परिजनों को दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रात को ही अजय व अनिल को गिरफ्तार कर लिया था जबकि कर्ण व प्रदीप फरार होने में कामयाब हो गए थे। शहर थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने कहा कि जल्द ही फरार दोनों आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
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आरोपी दो दिन के रिमांड पर लिए
डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को दोपहर बाद अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों को वह गाड़ी बरामद करेगी, जिसमें अक्षय का अपहरण किया गया। अक्षय को युवकों ने चाकू भी दिखाया था। पुलिस रिमांड में चाकू भी बरामद करेगी। अभी तक पुलिस ने मोबाइल भी बरामद नहीं किया है। रिमांड के दौरान मोबाइल फोन भी बरामद किया जाएगा। डीएसपी ने बताया कि इससे पहले आरोपियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया।
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जल्द अमीर बनने के लिए किया अपहरण, तीन आरोपी पढ़ते थे एक साथ स्कूल में
अपहरण करने के आरोपी अजय, कर्ण व प्रदीप तीनों एक साथ भारत सिनेमा के पास स्थित एक स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ते थे। चार-पांच वर्ष पहले तीनों ने पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद भी तीनों का आपस में मिलना-जुलना चलता रहा। गांव बरसोला निवासी अजय के साथ उसका मामा गांव शामलो कलां निवासी अनिल भी इन तीनों से मिलता-जुलता था। इस कारण चारों में अच्छी दोस्ती हो गई थी। चारों युवक कई बार आपस में बैठकर शराब भी पीते थे। शराब पीते-पीते इन्होंने जल्द ही अमीर बनने की बात ठान ली। चारों ने सोचा कि कोई ऐसा काम किया जाए, जिससे लाखों रुपये एक साथ उनके हाथ लग जाएं। छात्र अक्षय के घर में उसकी मां व दादा ही रहते थे। अनिल का अक्षय के पड़ोस में आना-जाना था, इसलिए उसने अक्षय का अपहरण करना सेफ समझा।
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