शव जलने से नहीं हो सका पोस्टमार्टम, डीएनए टेस्ट से होगी पहचान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद/पिल्लूखेड़ा।
सोमवार को कालवा गांव के पास लगे मिक्चर प्लांट में मिले कालवा गांव निवासी 55 वर्षीय धर्मपाल के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को पीजीआई रोहतक में करवाया गया। पुलिस के अनुसार गर्म तारकोल में फेंके जाने के कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, लेकिन अब शव की सही पहचान के लिए डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा। वहीं पुलिस को मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ेगा। पुलिस के अनुसार धर्मपाल का शव गर्म तारकोल में पूरी तरह से जल चुका था और कुछ हड्डियां और तारकोल में लिपटे कुछ मांस के टुकड़े ही मिले हैं। वहीं धर्मपाल के शव का कालवा गांव में मंगलवार दोपहर बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गौरतलब है कि 21 मार्च को गांव के ही छह युवकों ने धर्मपाल को अपहरण उस समय कर लिया था, जब धर्मपाल युवकों के अपने बेटे अजय की पिटाई का उलहाना देने गया था। इसके बाद सोमवार को आरोपियों की शिनाख्त के आधार पर शव गांव के पास लगे मिक्चर प्लांट के तारकोल बॉयलर से बरामद किया गया। इस बॉयलर में तारकोल को 130 डिग्री तक गर्म किया जाता है, इससे शव पूरी तरह से जल गया है।
शव सही होता तो मौत के कारणों का हो सकता था खुलासा
चिकित्सकों के अनुसार यदि शव सही होता तो इससे पोस्टमार्टम में यह पता चल सकता था कि धर्मपाल को जिंदा तारकोल में फेंका गया या उसके शव को। अब शव जिस हालत में मिला है, इसका पता लगान बहुत मुशकिल है। चिकित्सकों के अनुसार यदि जिंदा व्यक्ति को तारकोल में फेंका जाता तो उसके शरीर में भी तारकोल पहुंच जाता, लेकिन अब इसका पता नहीं लगाया जा सकता।
मिक्चर प्लांट में पसरा सन्नाटा
वहीं धर्मपाल की मौत की जगह मिक्चर प्लांट में मंगलवार को पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। यहां कोई भी कर्मचारी या वाहन की गतिविधि नहीं देखी गई। प्लांट का पूरा स्टाफ यहां से चला गया है।
शव पूरी तरह से जल चुका था, ऐसे में पोस्टमार्टम में कुछ भी साफ नहीं हो सका। अब शव की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अनिल कुमार, पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी।