गौ मांस के निर्यात के आने वाले पैसे से ही अगर देश का निर्माण होना है तो इस देश की सांस्कृतिक विरासत कैसे बचेगी। इस पर सोचने की जरूरत है।
यह बात रविवार को सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने कही। वह अर्बन एस्टेट में आर्य समाज के आयोजित प्रांतीय आर्य सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश की भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले पिक रेव्युलेशन (गुलाबी क्रांति) को तुरंत प्रभाव से बंद करने की घोषणा की थी, जो आज भी घोषणा तक ही सीमित है।
सम्मेलन में यूपी सरकार के पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश, बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय प्रधान पूनम आर्या, प्रदेश के पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी, प्रांतीय महासम्मेलन के संयोजक एवं नशाबंदी परिषद हरियाणा के प्रधान स्वामी रामवेश ने भी शिरकत की।
स्वामी आर्यवेश ने कहा कि पूरे देश में गोहत्या पर पूर्ण पाबंदी व गौ मांस निर्यात पर पूर्ण रूप से लगाने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय नीति घोषित करे।
हरियाणा में गौ मांस पर पाबंदी लगाने पर प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए स्वामी आर्यवेश ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार भी गोहत्या व गौ मांस के निर्यात पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाए। वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा आर्यों के बाहर से आने के दिए गए बयान की आर्यवेश ने निंदा की और इसके विरोध में दिल्ली में जंतर-मंतर स्थित संसद मार्ग पर 16 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन में आर्य समाज के लोगों को शामिल होने का आह्वान किया।
यूपी के पूर्व मंत्री ओमवेश ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता का बयान समाज को तोड़ने वाला है। आर्य यहां के मूल निवासी हैं, जिनके नाम पर ही इस देश का नाम आर्य व्रत रहा है।
उन्होंने कहा कि आज एनसीईआरटी की पुस्तकों में पढ़ाया जाता है कि आर्य बाहर से आए हैं।
इन किताबों के काले पन्नों को फाड़ने की आवश्यकता है। अगर सरकार इसे पाठ्यक्रम से नहीं निकालती है, तो देश व्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रदेश के पूर्व मंत्री हरि सिंह सैनी ने कहा कि देश की आजादी में आर्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अगर आज कुछ लोग आर्यों को बाहर से देश से बाहर से आया हुआ बता रहे हैं, तो यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। बड़बोले नेताओं पर अपनी जुबान पर लगाम लगानी चाहिए।
प्रांतीय आर्य महासम्मेलन के संयोजक स्वामी रामवेश ने कहा कि प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या व नशाखोरी के विरुद्ध जन जागरण तेज किया जाएगा। सम्मेलन में स्वामी चंद्रवेश, बिरजानंद एडवोकेट, आचार्य संतराम, जगदीश, डॉ. बलबीर, अतर सिंह, स्नेही, आजाद सिंह, सूरजमल ने भी विचार रखे।
बेटियां नारों से नहीं मानसिकता बदलने से बचेंगी
बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय प्रधान पूनम आर्या ने कहा कि बेटियां नारे बदलने से नहीं, बल्कि मानसिकता बदलने से बचेगी। यह एक मानसिक समस्या है, जिससे सतर्कता व सावधानी से लड़ने की आवश्यकता है।
महासम्मेलन में ये लिए गए फैसले
1. 16 दिसंबर को जंतर-मंतर पर देशभर के आर्य विरोध प्रदर्शन करेंगे।
2. 18 दिसंबर को पंजाब के दीनानगर में सम्मेलन आयोजित होगा। 25 दिसंबर को आगरा में विरोध प्रदर्शन व सम्मेलन आयोजित होगा।
3. छह, सात व आठ फरवरी को राष्ट्रीय आर्य सम्मेलन दिल्ली में कन्या भ्रूण हत्या व नशाखोरी के विरुद्ध आयोजित किया जाएगा।