एचटेट लेवल तीन के पेपर लीक करने के मुख्य आरोपी जेबीटी सगे भाइयों ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। शुक्रवार को अदालत ने अग्रिम याचिका पर दोनों पक्षों की सुनाई की।
इस दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस पर बेवजह फंसाने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस की तरफ से एसआईटी का नेतृत्व कर रहे डीएसपी दिनेश यादव ने पुलिस का पक्ष रखा। इस पर अदालत ने दोनों जेबीटी अध्यापक भाइयों की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया। अब आरोपी भाइयों को हर हाल में पुलिस के सामने पेश होना पड़ेगा।
एचटेट के लेवल तीन के पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी विकास कालोनी सोनीपत निवासी अजय व उसके भाई पवन के अधिवक्ता एनके गौतम ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी।
आरोपी अध्यापक अजय और पवन के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि दोनों भाइयों को पुलिस बेवजह फंसा रही है। इस मामले में पकड़े गए आरोपी मुनीत दोनों भाइयों का भानजा है और पेपर लीक होने से पहले उनके पास ठहर गया था। लेकिन जिस दिन पेपर लीक किया गया उस दिन दोनों भाई ड्यूटी पर थे।
इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। इस पर सरकारी अधिवक्ता और गठित एसआईटी के प्रमुख डीएसपी दिनेश यादव ने अपना पक्ष रखा और अदालत को बताया कि पेपर लीक में जेबीटी अध्यापक अजय व पवन का अहम योगदान है और उनसे अहम सुराग लग सकते हैं। इसलिए उनकी अग्रिम जमानत को खारिज किया जाए।
अदालत ने दोनों ही पक्षों को सुनने के बाद आरोपी अजय व पवन की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया। ज्ञात रहे कि आरोपी पवन व अजय दोनों भाई हैं और जेबीटी अध्यापक हैं।
पुलिस ने आरोपी अजय व पवन के भानजे मुनीत को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद उसने खुलासा किया कि पेपर को उसके मामा पवन व अजय ने सोनीपत के एक निजी स्कूल के केंद्र अधीक्षक राजेंद्र रंधावा के साथ मिलकर पेपर लीक किया था। उसके बाद चांदनी चौक ग्रुप बनाकर आंसर-की भेजा गया था।
तभी से आरोपी अजय व उसका भाई पवन, केंद्र अधीक्षक राजेंद्र रंधावा फरार चल रहे हैं।
डीएसपी दिनेश यादव ने बताया कि मामले में आरोपी दोनों भाइयों ने अदालत में अग्रिम जमानत लगाई थी। अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।