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अदालत पहुंचा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी का विवाद

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कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान। - फोटो : Jind
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डेढ़ महीने से चल रहे नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान का विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान ने चेयरपर्सन द्वारा रिलीव करने के मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अब इस पर अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। इस मामले में अदालत ने चेयरपर्सन व शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। दोनों रीलिविंग से संबंधित जानकारी का शपथपत्र देने को कहा है।
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गौरतब है कि 17 जुलाई को कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान व पार्षद हरेंद्र उर्फ काला सैनी और चेयरपर्सन पूनम सैनी के पति जवाहर सैनी के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद चार अगस्त को कार्यकारी अधिकारी के तबादले का पत्र शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने जारी कर दिया। चेयरपर्सन पूनम सैनी का कहना है कि इसके आधार पर 10 अगस्त को कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान को रिलीव कर दिया गया है। वहीं कार्यकारी अधिकारी रिलीविंग पर सवाल उठा रहे हैं। ईओ ने कह कि उन्हें न तो रिलीव का पत्र मिला है और न ही इसको कहीं भी रजिस्टर में दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं 11 अगस्त को चेयरपर्सन और कार्यकारी अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर पर कर्मचारियों का वेतन तक जारी किया गया है। इसके बाद 13 अगस्त को कार्यकारी अधिकारी ने इस मामले का अदालत में चुनौती दी थी। अब सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा है कि चेयरपर्सन और अतिरिक्त मुख्य सचिव शपथ पत्र में अपना पक्ष रखें।
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नियमानुसार हुई है कार्रवाई
सारी कार्रवाई नियमानुसार हुई है। अदालत का मान-सम्मान करते हैं और जो भी दस्तावेज हैं, वे अदालत के समक्ष पेश कर दिए जाएंगे।
पूनम सैनी, चेयरपर्सन, जींद नगर परिषद।
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