संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। विभिन्न निर्माण मजदूर यूनियनों के संयुक्त निर्माण मोर्चा का राज्यस्तरीय जत्था मंगलवार को ब्लॉक के गांव जलालपुर कलां, जाजवान, पोंकरी खेड़ी, ईगराह, बीबीपुर और किनाना में पहुंचा। उन्होंने 14 दिसंबर को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निमंत्रण दिया।
भवन निर्माण कामगार यूनियन के राज्य महासचिव सुखबीर सिंह, भवन निर्माण मजदूर संघ के राज्य महासचिव कृष्ण नैन ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले निर्माण मजदूरों को लुभाने के लिए ई-स्कूटी बांटी, नए पंजीकरण पर 1100 रुपये शगुन देने की घोषणा की थी लेकिन सत्ता में आने के छह महीने बाद ही श्रम कल्याण बोर्ड का पोर्टल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया।
इस कारण पिछले पांच महीनों से मजदूरों का पंजीकरण बंद है और कन्यादान, मातृत्व-पितृत्व लाभ, छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं ठप पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक निर्माण मजदूर दलित एवं पिछड़ा वर्ग से आते हैं जबकि भाजपा इनके हितैषी होने का ढोंग करती है।
पिछले दस सालों में सबसे ज्यादा इन्हीं वर्गों के अधिकारों पर हमला हुआ है। भवन निर्माण कल्याण कोष में छह हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा है जिसे मजदूरों पर खर्च करना चाहिए। सरकार इस राशि को दबाए बैठी है।
केंद्र सरकार ने 21 नवंबर को चार मजदूर-विरोधी लेबर कोड लागू कर 29 पुराने श्रम कानूनों को रद्द कर दिया है। प्रदेश में बाढ़ प्रभावित मजदूरों का पुनर्वास नहीं हुआ निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से काम ठप है। मनरेगा बंद करने की साजिश चल रही है। इस अवसर पर का. कश्मीर सिंह, कपूर सिंह, सतीश बड़ोदा, जोगिंद्र ईगराह, पवन कुमार, बारूराम भी मौजूद रहे।