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140 करोड़ की आबादी को परिवार की तरह जोड़ता है संविधान : डॉ. मिड्ढा

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जींद। चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में जिलास्तरीय संविधान दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यातिथि डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढ़ा और उचाना के विधायक देवेंद्र अत्री रहे। कार्यक्रम में डीसी मोहम्मद इमरान रजा, विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार प्रो. लवलीन मोहन, सीटीएम डॉ. आशीष देशवाल, डॉ. आनंद कुमार, डीन फकेलटी ऑफ लॉ प्रो. सुनील फोगाट ने भी शिरकत की।
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डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि यह हमारा संविधान ही है जो अलग-अलग धर्मों व जातियों की 140 करोड़ की आबादी को एक परिवार की तरह जोड़ता है। संविधान के तहत ही सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट समेत देश की सभी अदालतें, संसद, राज्यों के विधानमंडल, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सभी संविधान के तहत ही काम करते हैं। डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा मंगलवार को सीआरएसयू के डॉ. हरिचंद मिड्ढा ऑडिटोरियम में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित संविधान दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस बार का संविधान दिवस बहुत ही खास है क्योंकि आज संविधान के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं और आज के दिन देश में अनेक कार्यक्रम चल रहे है। इसी संविधान के तहत हम सभी को पूरी आजादी, गरिमा और समानता के साथ जीने का अधिकार भी मिला हैं। संविधान की ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे। इसलिए उन्हें संविधान निर्माता भी कहा जाता है। यह संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर पूरा हुआ और इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया और संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। यह संविधान ही है जो हमें आजाद देश का आजाद नागरिक होने की भावना का अहसास करवाता है। प्रधानमंत्री ने जिस नेक नियत से यह संविधान दिवस मनाने की शुरूआत की थी, उसका हम सभी को सम्मान करना चाहिए। देश का अच्छा और जिम्मेदार नागरिक बनने से न सिर्फ संविधान का मकसद पूरा होगा बल्कि संविधान बनाने वालों का सपना भी पूरा होगा।

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परमात्मा के रूप में पूजना चाहिए संविधान : देवेंद्र अत्री

उचाना के विधायक देवेंद्र अत्री ने कहा कि संविधान को हम परमात्मा के रूप में पूजना चाहिए क्योंकि हमारा देश इसी संविधान की बदौलत चलता है। संविधान के दिए मौलिक अधिकार हमारी ढाल बनकर हमें हमारा हक दिलाते हैं और वहीं इसमें दिए गए मौलिक कर्तव्य हमें हमारी जिम्मेदारियां भी याद दिलाते हैं। सीआरएसयू के उप कुलपति डाॅ. रणपाल सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि संविधान दिवस समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय में किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रमों से न केवल छात्रों का बोद्धिक विकास होता है बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ता है।
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