जींद। सरला मेमोरियल राजकीय कन्या महाविद्यालय सफीदों में कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ से हुई। मुख्य वक्ता प्रो. विकास लाठर ने छात्राओं को कहा कि 26 नंवबर का दिन भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को सशक्त रूप से परिभाषित करने वाला ऐतिहासिक क्षण है।
प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इसे कानूनन मजबूत, व्यावहारिक और सामाजिक न्याय आधारित रूप दिया। उन्होंने कहा कि संविधान केवल शासन संचालन का ढांचा नहीं, बल्कि समानता, स्वतंत्रता, न्याय और नागरिक अधिकारों की गारंटी है और इसकी असली शक्ति इसके पालन में निहित है।
इस अवसर पर प्राचार्य सत्यवान मलिक, प्रो. सुष्मना चोपड़ा, डॉ. तेजबीर सैनी, प्रो. सीमा गुप्ता, नीलम, गीता, सविता लाठर मौजूद रहे। संवाद