खटकड़ टोल धरने पर मौजूद किसान।
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भाजपा कार्यालय में चल रही मीटिंग को लेकर शुक्रवार को किसानों के विरोध को देखते हुए जींद प्रशासन व किसान संगठनों की नजरें करनाल में प्रशासन व किसानों के बीच चल रही बातचीत पर टिकी हुई थी। शनिवार को संयुक्त रूप से किसानों व करनाल प्रशासन ने मांगों पर सहमति बनने की जानकारी दी तो जींद प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहीं किसानों का कहना है कि करनाल में किसानों पर हुई बर्बरता के खिलाफ उनकी मांगें जायज थी। इसके बावजूद प्रशासन व सरकार ने कई दिन तक परेशान रखा। मांगें माने जाने से उन्हें काफी खुशी है। वहीं कि मामले में किसानों का हौसला और बढ़ा है।
गौरतलब है कि करनाल में चल रहे संयुक्त किसान मोर्चा के धरने पर जींद के किसानों व प्रशासन की नजर लगी हुई थी। किसानों ने प्रशासन को 11 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। शनिवार को करनाल में आगे के आंदोलन का ऐलान किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही यह मामला निपट गया। वहीं प्रशासन व किसानों के बच समझौता होने से पहले प्रशासन व किसानों द्वारा अपने-अपने स्तर पर तैयारी की जा रही थी। यह बात अलग है कि अब इसकी जरूरत नहीं पड़ी।
वहीं शुक्रवार को भाजपा के पानीपत ग्रामीण से विधायक महिपाल ढांडा के कार्यक्रम के दौरान जिस प्रकार किसानों ने विरोध जताया, इससे अब भाजपा कार्यालय में होने वाले कार्यक्रमों पर भी असर पड़ेगा। किसानों ने भी कहा कि जजपा व भाजपा के कार्यक्रमों पर उनकी खास नजर रहेगी। यदि कोई बाहरी नेता आता है तो इसी प्रकार से उसका विरोध किया जाएगा।
बहुत पहले ही किसान यह साफ कर चुके हैं भाजपा व जजपा के बाहरी नेता जींद में नहीं आएं। इसके बावजूद भी सिर्फ किसानों को उकसाने के लिए यह कार्यक्रम किए जाते हैं। किसान शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहे हैं, लेकिन सरकार इसमें अहिंसा की तैयारी में है। पानीपत के भाजपा विधायक महिपाल ढांडा ने जनता से झूठ बोला है। उन्होंने लोगों के बीच में आकर माफी मांगने की बात कही थी, लेकिन इसका बहाना बनाकर वे निगल गए। यह सरकार के सही चरित्र को दिखा रहा है। फिलहाल किसी भी नए आंदोलन की घोषणा नहीं है। पहले की तरह ही धरने चलते रहेंगे।
सतबीर पहवान, प्रधान, खटकड़ टोल।