पुराना बस स्टैंड स्थित मंजू होटल के पास मीटिंग करते लोग।
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पिछले साल जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की प्रतिमा तोड़ने की कोशिश के मामले में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची। वीरवार को की गई पुलिस कार्रवाई के विरोध में दर्जनों लोगों ने पुराना बस स्टैंड के पास मीटिंग की। इस दौरान 11 लोगों की कमेटी का गठन किया गया, जिसने प्रशासन से बात की।
मीटिंग का नेतृत्व करने वाले कांग्रेसी नेता रमेश सैनी व करतार सैनी ने मीटिंग में कहा कि कुछ लोगों के कहने पर प्रशासन माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है। इसको लेकर रमेश सैनी की गिरफ्तारी का प्रयास किया। करतार सैनी ने बताया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आई थी, लेकिन अधिकारियों बातचीत के बाद इसे टाल दिया गया। वहीं रमेश सैनी ने अमर उजाला को बताया कि पुलिस ने बुधवार सुबह करीब 11 बजे गिरफ्तार करना चाहा। इस पर उन्होंने जमानत नहीं करवाने की बात कही। इस कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार रमेश सैनी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें निजी मुचलके पर रिहा किया गया है, लेकिन रमेश सैनी ने औपचारिक गिरफ्तारी से मना किया है। रमेश सैनी के अनुसार, उनके घर पर ही पुलिसकर्मी आए थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।
तथ्यों के आधार होगी कार्रवाई
पिछले साल जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिन लोगों के नाम आए हैं, उनकी जांच चल रही है। जिन लोगों के खिलाफ सबूत मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस किसी को भी नाजायज तंग नहीं करेगी।
शशांक आनंद, एसएसपी जींद।