जींद। जिले में रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति में कमी आने से आगामी दिनों में किल्लत बढ़ने की आशंका है। फिलहाल इंडेन, एचपी और भारत गैस कंपनियों के पास करीब साढ़े आठ हजार सिलिंडरों का स्टॉक है।
इसके विपरीत जिले में प्रतिदिन औसतन 1348 घरेलू और करीब 170 कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की खपत होती है। ऐसे में मौजूदा स्टॉक मुश्किल से एक सप्ताह तक ही चलने की संभावना जताई जा रही है। गैस की कमी को लेकर बाजार में भी हलचल बढ़ने लगी है। हालांकि अभी तक घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिल रहे हैं लेकिन कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सीमित है।
इससे होटलों, ढाबों और खाने-पीने के अन्य प्रतिष्ठानों पर असर दिखने लगा है। पिछले दो-तीन दिनों से कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
गैस की किल्लत बढ़ने पर बाजार में समोसे, कचौड़ी, जलेबी, पूड़ी-सब्जी, चाय, बेकरी उत्पादों और होटल-रेस्टोरेंट में मिलने वाली खाने की चीजों की कीमतें बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा मिठाई और नमकीन बनाने वाले कारोबारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पहले से ही महंगाई का सामना कर रहे आम लोगों की जेब पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।-राजकुमार गोयल व्यापारी
यदि गैस सिलिंडरों की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। वहीं आम उपभोक्ताओं को भी महंगे भोजन और खाद्य पदार्थ खरीदने पड़ सकते हैं।-महावीर कंप्यूटर व्यापारी
गैस की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फिलहाल बाजार में गैस उपभोक्ताओं को मिल रही है। जो कमी किसी कारण से हो रही है। उसका भी समाधान होने की उम्मीद है। फिलहाल घरेलू सिलिंडर 25 दिन में एक मिलेगा और कॉमर्शियल सिलिंडर सरकार के निर्देशों के बाद दोबारा से उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाया जाएगा।-अमित सैनी, सप्लाई इंचार्ज जींद।