सीएचसी कंडेला में निरीक्षण के दौरान रजिस्टर की जांच करते सिविल सर्जन।
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स्वास्थ्य विभाग की सेहत सुधारने के लिए नए सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जटान ने कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत मनमर्जी से ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को सख्त संदेश दिया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा अधिकारियों द्वारा फरलो मारने की मिली रही शिकायतों के चलते सिविल सर्जन ने वीरवार को सीएचसी कंडेला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की भनक लगते ही सीएचसी के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन कर्मचारियों को भी उल्टे पांव सीएचसी पहुंचना पड़ा जो फरलो मारने के चक्कर में जींद के पटियाला चौक तक पहुंच चुके थे। निरीक्षण के दौरान सीएचसी में अधिकारियों समेत छह कर्मचारी नदारद मिले। नदारद मिले कर्मचारियों तथा अधिकारियों की एक दिन का वेतन काटने के अलावा स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार नदारद मिले स्टाफ में दो चिकित्सक व चार अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
ड्रेस कोड में नहीं मिले कर्मचारी, अधिकारी
जब सिविल सर्जन सीएचसी कंडेला पहुंचे तो अधिकतर कर्मचारी तथा अधिकारी ड्रेस कोड में दिखाई नहीं दिए। इसके चलते सिविल सर्जन ने कर्मचारियों तथा अधिकारियों को मामले को लेकर जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि ड्रेस कोड ही कर्मचारी की पहचान होती है, लेकिन आपने ड्रेेस कोड में नहीं होने से कौन पहचान पाएगा की वे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तथा अधिकारी हैं। भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भी ड्रेस कोड में नहीं होने के चलते ठेकेदार से मामले को लेकर जवाब तलबी की जाएगी।
लापरवाही नहीं होगी सहन
सीएचसी में कर्मचारियों का समय दोपहर चार बजे तक होता है, जबकि वहां पौने चार बजे निरीक्षण किया गया तो कुल छह कर्मचारी गायब मिले। इनको कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। साथ वीरवार का वेतन भी रोका जाएगा। ठेकेदार से भी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मामले में जवाब तलबी होगी। लापरवाही किसी भी सूरत में सहन नहीं होगी। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें इसके लिए पूरा प्रयास रहेगा। फरलो मारने वाले कर्मचारी तथा अधिकारी सावधान रहें। सामान्य जांच के लिए डिप्टी सिविल सर्जन व एसएमओ के नेतृत्व में टीम बनाई जाएंगी, जो फील्ड में नजर रखेंगी।
डॉ. जयभगवान जटान, सिविल सर्जन