जींद। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की मनमानी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही मामला शुक्रवार रात को सामने आया है, जब एक दंपती अपने 25 दिन के बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा। बच्चे के इलाज के लिए मां रोती रही, लेकिन चिकित्सक को उस पर तरस नहीं आया। बच्चे का पिता चिकित्सक से बच्चे को प्राथमिक उपचार देने की बात कहने लगा। आरोप है कि इस दौरान चिकित्सक ने उसके साथ मारपीट की और जबरदस्ती रोहतक पीजीआई रेफर करने पर चिकित्सक अड़ा रहा। वायरल वीडियो में बच्चे को इलाज देने के लिए चिकित्सक व बच्चे के पिता के बीच बहस भी हुई और बच्चे के पिता के साथ हाथापाई भी हो रही है। हालांकि बच्चे के परिजनों की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
वायरल वीडियो में चिकित्सक बच्चे को रोहतक पीजीआई रेफर करने पर अड़ा हुआ है। कार्यवाहक पीएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। सोमवार को मामले की जांच करवाई जाएगी, जो भी दोषी मिला उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मामला शुक्रवार रात करीब 12 बजे का है। एक पिता व मां अपने 25 दिन के बच्चे को लेकर नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। आरोप है कि यहां मौजूद चिकित्सक ने बिना प्राथमिक उपचार के बच्चे को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। इस पर बच्चे के पिता ने कहा कि वह इस समय बच्चे को रोहतक पीजीआई लेकर नहीं जा सकता, इसका प्राथमिक उपचार किया जाए। इस पर चिकित्सक ने बच्चे को नर्सरी में रेफर कर दिया। नर्सरी में कहा गया कि बच्चे को यहां दाखिल नहीं किया जा सकता, इसे वापस इमरजेंसी में ही लेकर जाओ। इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक बच्चे को पीजीआई रोहतक रेफर करने पर अड़ा रहा। जब बच्चे के पिता ने वीडियो बनाना शुरू किया तो चिकित्सक ने बच्चे के पिता से मारपीट की। इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर एक निजी अस्पताल में लेकर गए। अभी तक बच्चे के परिजनों का पता नहीं चला है कि वह कहां से आए थे लेकिन वीडियो में मां रोती रही लेकिन चिकित्सक को तरस नहीं आया। बच्चे को दौरे तथा निमोनिया की शिकायत थी।
डेढ़ साल की नौकरी में चिकित्सक पर कई आरोप
जिस चिकित्सक की रात को इमरजेंसी में ड्यूटी थी, उसकी केवल डेढ़ साल की नौकरी में उस पर लापरवाही के कई आरोप लगे हैं। उपरोक्त चिकित्सक ने एक बार तत्कालीन डीसी की माता को इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद उसने माफी मांगी तो मामला शांत हो गया था। ऐसे ही एक बार पेट दर्द के मरीज को उक्त चिकित्सक ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था। मरीज की जुलाना के पास मौत हो गई थी। परिजनों ने नागरिक अस्पताल में धरना भी दिया, लेकिन चिकित्सक के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस चिकित्सक के बारे में यह कहा जाता है कि यह मरीजों का उपचार करने की बजाय, उन्हें रोहतक पीजीआई में रेफर करने में अधिक विश्वास रखता है।
मामला गंभीर, करेंगे जांच : डॉ. गोपाल गोयल
कार्यवाहक पीएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि एक बच्चे के इलाज को लेकर इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिकित्सक का फर्ज इलाज करना है। उन्होंने वीडियो देखी है। सोमवार को मामले की जांच करवाई जाएगी। ड्यूटी पर जो भी चिकित्सक था, यदि उसकी लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।