फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिप्टी एमएस को छोड़ सभी चिकित्सक मिले नदारद

विज्ञापन
स्टाफ नर्स से पूछताछ करते सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान। - फोटो : Jind
विज्ञापन
जींद। नागरिक अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन अस्पताल का स्टाफ अपने कारनामों के लिए चर्चाओं में रहता है। ऐसा ही मामला शुक्रवार को भी आया, जब सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने सुबह-सुबह ही अस्पताल का निरीक्षण किया तो एक डिप्टी एमएस को छोड़कर सभी चिकित्सक नदारद मिले। चिकित्सकों के अलावा अन्य स्टाफ भी अपनी सीट पर नहीं मिला। इस पर उन्होंने सभी को चेतावनी देते हुए भविष्य में समय पर पहुंचाने को कहा है।
विज्ञापन

सुबह आठ बजे सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। सिविल सर्जन की यह कार्रवाई दस बजे तक चली। सुबह आठ बजे केवल एक चिकित्सक को छोड़कर अन्य कोई भी चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं मिला। इसके बाद धीरे-धीरे करते हुए सभी चिकित्सक अस्पताल में पहुंच गए। सुबह आठ बजे नागरिक अस्पताल में 60 प्रतिशत स्टाफ मौजूद नहीं मिला। सिविल सर्जन ने सभी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में कोई भी चिकित्सक या कर्मचारी देरी से आया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि काफी कर्मचारी अस्पताल में समय पर नहीं पहुंचते हैं। कोई सुबह साढ़े आठ बजे आता है तो कोई नौ बजे। इनमें अधिकतर चिकित्सक भी शामिल हैं। इसी कारण सुबह आठ बजे उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण शुरू किया। सुबह आठ बजे नागरिक अस्पताल में केवल डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला मौजूद मिले, बाकी कोई भी चिकित्सक अस्पताल में नहीं मिला। सिविल सर्जन ने इसके बाद सभी चिकित्सकों की बैठक ली और उनको समय पर आने को कहा। सिविल सर्जन ने कहा कि चिकित्सकों के समय पर नहीं आने से मरीज परेशान होते हैं। यदि भविष्य में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना के कारण बंद है बायोमेट्रिक मशीन
नागरिक अस्पताल में पहले बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी लगती थी लेकिन कोरोना के कारण अब बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी नहीं लगती, जिसका अस्पताल के लोग नाजायज फायदा उठा रहे हैं। कुछ दिन सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने हाजिरी लगाने का रजिस्टर अपने कार्यालय में रखा था तो सभी चिकित्सक समय पर आते थे लेकिन एक ऑफिस में रजिस्टर होने से काफी परेशानी होती थी। इसलिए सिविल सर्जन ने सभी विभागों के मुखियाओं को हाजिरी रजिस्टर सौंप दिए। इसके बाद चिकित्सकों ने समय पर आना बंद कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें