03जेएलडी05-शहर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ रहे बच्चे। स्रोत विभाग
जींद। सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के तहत बच्चों को मोटे अनाज के व्यंजन दिए जाएंगे। इससे बच्चों के पोषण में सुधार होगा और वे अन्य व्यंजनों से स्वादिष्ट भी होंगे। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील योजना में बदलाव किया है। अब राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाले मिड-डे मील में मोटे अनाज से बने व्यंजन परोसे जाएंगे। स्कूलों के मेन्यू में बाजरा, रागी और अन्य मोटे अनाज से बने व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं। जिलेभर में पहली से आठवीं कक्षा तक के 503 राजकीय स्कूलों में 40 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिन्हें मिड-डे मील मिलता है। विभाग की ओर से नवंबर में विद्यार्थियों को मिलने वाले मिड-डे मील का मेन्यू जारी किया गया है। सर्दियों में विद्यार्थियों के शरीर को गर्म रखने और अधिक ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है। इसलिए बाजरा, रागी जैसे मोटे अनाज से बने व्यंजन शामिल किए गए हैं, जो विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। सर्दियों के मेन्यू में सोया खिचड़ी, मीठा दलिया, चावल और सफेद चना, चना दाल खिचड़ी, मिस्सी पराठा, दही, दाल-चावल, रोटी, मूंग मसूर दाल, मीठे मूंगफली चावल, गेहूं रागी का पूड़ा, सब्जी पुलाव व काला चना, कड़ी पकौड़ा, गुड़ रोटी व दही, मिलेट पराठा जैसे व्यंजन विद्यार्थियों को परोसे जाएंगे। यह कदम विद्यार्थियों को संतुलित आहार प्रदान करने में काफी कारगर साबित होगा। इससे विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलेगी। ऐसे में सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए मिड-डे मील के मेन्यू को नए सिरे से तैयार किया गया है।
वर्जन
मिड-डे मील में भी मोटे अनाज को शामिल किया गया है, जोकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए मिड-डे मील के मेन्यू को नए सिरे से तैयार किया गया है।
-डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद