संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। निपुण भारत मिशन के तहत ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को केवल गृहकार्य देने के बजाय गतिविधि आधारित कार्य सौंपे गए हैं। इससे उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन रही है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य बच्चों को अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ते हुए जीवन कौशल, रचनात्मकता और पारिवारिक मूल्यों का विकास करना है।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि बच्चों को ऐसे कार्य दिए गए हैं जिससे वह खेल-खेल में सीख सकें। गृहकार्य में बच्चों को अपने दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य परिजनों के साथ समय बिताने, उनसे जीवन के अनुभव जानने, कहानियां सुनने और पारिवारिक संस्कारों को समझने के लिए प्रेरित किया गया है।
इसके अलावा चित्रकला, कहानी पठन, शब्द खेल और दैनिक जीवन से जुड़ी गतिविधियों को भी गृहकार्य का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने बताया कि निपुण मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणना करने की बुनियादी दक्षताओं का विकास करना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए गृहकार्य को रोचक और व्यावहारिक बनाया गया है ताकि बच्चे बिना किसी दबाव के सीखने की प्रक्रिया से जुड़े रहें।
कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद हुई हल्की बारिश ने वातावरण को सुहावना बना दिया। बारिश की फुहारें पड़ते ही बच्चे घरों से बाहर निकल आए और मौसम का भरपूर आनंद लिया। कई बच्चे रंग-बिरंगे छाते लेकर बाहर दिखाई दिए जबकि कुछ ने कागज की सुंदर-सुंदर किश्तियां बनाकर उन्हें पानी में तैराया।
राजेश वशिष्ठ ने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। परिवार के साथ समय बिताने, प्रकृति को करीब से देखने और स्वयं अनुभव प्राप्त करने से बच्चों की सीखने की क्षमता और अधिक मजबूत होती है।
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निपुण भारत मिशन के तहत ग्रीष्मकालीन गृहकार्य बना गतिविधि आधारित
खेल-खेल में सीखेंगे बच्चे, अनुभवात्मक शिक्षा पर जोर
दादा-दादी और नाना-नानी से सीखेंगे जीवन के महत्वपूर्ण पाठ
रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों का होगा सर्वांगीण विकास
कहानी, चित्रकला और शब्द खेल बने छुट्टियों का हिस्सा
बिना दबाव के सीखने की प्रक्रिया से जुड़े रहेंगे विद्यार्थी
पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों से बच्चों को जोड़ रहा निपुण मिशन
बारिश की फुहारों के बीच बच्चों ने उठाया छुट्टियों का आनंद
कागज की किश्तियां और रंग-बिरंगे छाते बने बच्चों के आकर्षण का केंद्र
मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में सहायक हैं गतिविधि आधारित कार्य