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Jind News: बीबीपुर मॉडल से कालवन में बाल आजादी अभियान की शुरुआत

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20जेएनडी04: कालवन गांव में बच्चों के साथ सेल्फी लेते हुए सुनील जागलान। स्रोत: आयोजक
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नरवाना। बीबीपुर मॉडल से प्रेरित होकर कालवन गांव में बच्चों के अधिकारों और उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर बाल आजादी अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत करीब 500 बच्चों ने भयमुक्त और सुरक्षित बचपन का संकल्प लिया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के साथ उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, खेल और सम्मान का अधिकार दिलाना है।
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बाल आजादी अभियान के फाउंडर एवं बीबीपुर के पूर्व सरपंच सुनील जागलान के नेतृत्व में करीब दो माह पहले कालवन गांव को इस पहल से जोड़ा गया था। इस दौरान पंचायत, स्कूल प्रबंधन और समुदाय के साथ लगातार बैठकें की गईं। अब गांव के करीब 500 बच्चे अभियान से जुड़ चुके हैं। बच्चों के बीच नियमित रूप से बाल लीडरशिप कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें बच्चे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।
सुनील जागलान ने बताया कि अभियान के तहत गांव को बाल विवाह से मुक्त बनाने, बाल उत्पीड़न रोकने और बच्चों के साथ गाली-गलौच पर रोक लगाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके अलावा स्कूल बैग के वजन को नियंत्रित करने, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने और उनके लिए पार्क तथा इंडोर-आउटडोर खेल सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर रहेगा।
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उनका कहना है कि घर और समाज में बोले जाने वाले शब्द बच्चों के व्यवहार और व्यक्तित्व पर प्रभाव डालते हैं, इसलिए बच्चों के सामने सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल जरूरी है।

सक्रिय बच्चों को राष्ट्रपति भवन और संग्रहालयों का कराया जाएगा भ्रमण
गांव की सरपंच कविता ने कहा कि बच्चों में अभियान को लेकर काफी उत्साह है। बच्चे पहले की अपेक्षा अधिक सक्रिय होकर ग्राम पंचायत से संवाद कर रहे हैं। यह गांव के लिए एक नई पहल है और इससे बच्चों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। गाली-गलौज रोकने, घरेलू हिंसा की जानकारी गुप्त रूप से पंचायत तक पहुंचाने और बाल लीडरशिप कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा। ऐसे बच्चों के लिए राष्ट्रपति भवन, गति शक्ति म्यूजियम और प्रधानमंत्री संग्रहालय के भ्रमण की योजना बनाई जा रही है। ग्राम पंचायत में जल्द ही बाल अधिकार संरक्षण समिति का गठन भी किया जाएगा।
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