21जेएनडी34-मंडी में बनाई नई सडक़ उखड़ी हुई। संवाद
नरवाना। शहर की नई मेला अनाज मंडी शहर की सबसे बड़ी मंडी है। इसमें काफी संख्या में आढ़ती बैठते हैं। जब भी गेहूं या धान की सीजन शुरू होता है तो मंडी में होने वाली समस्याओं से आढ़तियों और किसान दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन हर बार उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर बड़े-बड़े दावे तो जरूर करता है, लेकिन धरातल पर वह सभी दावे धरे के धरे ही रह जाते हैं।
किसान या आढ़ती समाधान के लिए किसी उच्च अधिकारी के पास कोई शिकायत करते हैं तो शायद कुछ कार्य होता है, वह भी थोड़े समय के लिए। उसके बाद तो फिर समस्या से जूझना ही पड़ता है। उसी तरह से जो अब सीवरेज के मैन होल गंदगी से अटे पड़े हैं, उनका भी कोई समाधान नहीं हो रहा है।
वहीं आज से करीब 11 दिन पहले नई अनाज मेला मंडी में औचक निरीक्षण करने एसीएस के साथ पहुंचे एडीसी ने सीवरेज की साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभाग के एसडीओ को कड़ी फटकार भी लगाई थी और एसडीएम से इसकी रिपोर्ट मांगी थी। किसी भी अधिकारी ने कोई ध्यान नहीं दिया और वह सीवरेज ऐसे के ऐसे ही पड़े हैं। शहर की नई मेला अनाज मंडी में बरसाती पानी निकालने के लिए बनाए हुए सीवरेज के मैन हॉल आज भी गंदगी से अटे पड़े हैं। इस कारण बरसाती पानी निकासी का कोई और रास्ता नहीं बचता और पानी बीच में ही जमा हो जाता है। आजकल के दिनों में अगर बरसात हो जाती है तो उससे मंडी में गेंहू के भीग जाने से किसानों और आढ़तियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ मंडी में गेहूं के सीजन से पहले सडक़ पर बजरी और तारकोल की नई लेयर बिछाकर नई सड़क बना दी गई थी। इससे यह लग रहा था कि अब कुछ सुधार हुआ है, लेकिन जैसे ही मंडी में किसानों के गेहूं से भरे ट्रैक्टर पहुंचान शुरू हो गए हैं तो वह भी उखडऩा शुरू हो गईं हैं।
21जेएनडी34-मंडी में बनाई नई सडक़ उखड़ी हुई। संवाद
21जेएनडी34-मंडी में बनाई नई सडक़ उखड़ी हुई। संवाद