डल्लेवाल के स्टेज के पास पंडाल में बैठे किसान। संवाद
नरवाना । खनौरी बॉर्डर पर रविवार को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन 27वें दिन भी जारी रहा। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार गंभीर स्थिति को देखते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल स्टेज पर नहीं आए, क्योंकि उनकी इम्युनिटी बहुत कमजोर हो चुकी है। अब उन्हें इन्फेक्शन का डर बना हुआ है। शनिवार शाम को कृषि पर बनी संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन चरणजीत चन्नी ने डल्लेवाल से मुलाकात करके संसदीय कमेटी की रिपोर्ट की कॉपी सौंपी।
चन्नी ने कहा कि सभी सांसदों ने सर्वसम्मति से इस रिपोर्ट को बनाया है। किसान नेताओं ने कहा कि देश में संसद सर्वोपरि है, इसलिए केंद्र सरकार को संसदीय कमेटी के सुझाव को स्वीकार करते हुए एमएसपी गारंटी कानून बनाना चाहिए। किसान नेताओं ने बताया कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि वित्त मंत्रालय ने जितना बजट कृषि मंत्रालय को दिया गया उसने उसे ठीक से इस्तेमाल नहीं किया और वित्त वर्ष के अंत में लौटा दिया। हर वर्ष कृषि बजट के आवंटन का प्रतिशत घटाया जा रहा है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा कि 2016-17 से 2021-22 में किसानों की आमदनी 57.6 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन किसानों का खर्च, लागत 67.4 प्रतिशत बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्र में कर्ज लेने वालों की संख्या 47.4 प्रतिशत से बढ़कर 52 प्रतिशत हो गई है। किसानों की कर्ज मुक्ति के लिए नीति बनाने, कृषि उत्पाद के आयात-निर्यात की नीति बनाने से पहले किसानों से सलाह-मशविरा करने, पीएम फसल बीमा योजना में सुधार करने, बीजों पर किसानों का अधिकार सुनिश्चित करने समेत कई सुझाव किसानों के पक्ष में दिए हैं।
इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल की भावनाओं के अनुसार टीम इस रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन कर रही है। जल्द ही विस्तारपूर्वक अपनी बात रखेंगे। मध्यप्रदेश के इटारसी में किसानों ने बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन के समर्थन में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल भी की है। किसान नेताओं ने कहा कि 24 दिसंबर को देशभर में शाम 5.30 बजे जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन के समर्थन में कैंडल मार्च निकाले जाएंगे। 26 दिसंबर को तहसील एवं जिला स्तर पर सुबह 10 बजे से 4 बजे तक जगजीत सिंह डल्लेवाल सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी।