केंद्र सरकार द्वारा वीआईपी कल्चर को समाप्त करने के लिए गाड़ियों से बत्ती हटाने का फैसला लेने के बाद नरवाना के विधायक पिरथी नंबरदार व सफीदों से विधायक जसबीर देशवाल ने अपनी गाड़ी से बत्ती हटा दी है। वहीं, अधिकारियों ने अभी इस फैसले पर काम शुरू नहीं किया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद गाड़ी पर बत्ती लगाकर वीआईपी रुतबा दिखाने के दिन लद जाएंगे। नेताओं से लेकर अधिकारियों ने इस फैसले का समर्थन किया है। वहीं, कई नेता खुल कर इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं।
तुरंत प्रभाव से हटाई बत्ती
सरकार का फैसला बहुत ही सही है। इससे नेताओं ने वीआईपी कल्चर कम होगा और लोगों के बीच वे साधारण ढंग से ही जा सकेंगे। लोकतंत्र में सरकार का यह कदम बहुत ही महत्वपूर्ण है। लोग लालबत्ती लगाकर अपने पद व प्रभाव का गलत प्रयोग भी करते हैं। इस पर रोक लगेगी। मैंने तुरंत प्रभाव से अपनी गाड़ी से बत्ती हटा दी है। - जसबीर देसवाल, सफीदों विधायक
नहीं लगाता बत्ती
सरकार ने जिस प्रकार का फैसला लिया है, यह समय की जरूरत है, लेकिन यह भी महज लोकप्रियता पाने के लिए ही किया जा रहा है। मैं हलके में कभी भी गाड़ी पर बत्ती नहीं लगता। सिर्फ टोल पर बत्ती की जरूरत पड़ती है, जिससे समय कम लगता है। बाकी कहीं भी बत्ती की कभी मुझे जरूरत ही नहीं पड़ी। मैंने कभी गाड़ी पर बत्ती नहीं लगाई।
परमेंद्र सिंह ढुल, विधायक जुलाना
नहीं मिला है कोई पत्र
अभी इस प्रकार का कोई पत्र नहीं मिला है। सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है। वीआईपी कल्चर सिर्फ बत्ती से नहीं, बड़े बड़े खाफिलों से भी होता है। उसे भी कम कर सरकारी बोझ कम किया जाना चाहिए। मैं लोगों के बीच रहने वाला व्यक्ति हूं और कभी बत्ती का शौक नहीं रहा। - डॉ. हरिचंद मिढ़ा, विधायक जींद
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देश के माहौल के हिसाब से चलेंगे
देश में इसी प्रकार का माहौल बनता जा रहा है। ऐसे में सभी को इसी के अनुसार चलाना चाहिए। मैंने अपनी गाड़ी से बत्ती हटा दी है। लोकतंत्र में बत्ती महत्वपूर्ण नहीं, लोगों का समर्थन महत्वपूर्ण है, जो हमारे साथ है।
- पिरथी नंबरदार, विधायक नरवाना।
सरकार का फैसला मान्य
अभी सरकार के फैसले का नोटिफिकेशन नहीं आया है। फिर भी बत्ती कोई विशेष चीज नहीं है। सरकार को भी फैसला करेगी, वह मान्य होगा। लोगों की पहचान उनके काम से होनी चाहिए, बत्ती से नहीं।
विनय सिंह, डीसी