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किसानों के समर्थन में जिले में फूके गए केंद्र सरकार के पुतले

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मंगलपुर गांव से दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के लिए दूध लेकर जाते ग्रामीण। संवाद। - फोटो : Jind
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कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में शनिवार को जिले में प्रदर्शन किया गया। अखिल भारतीय किसान सभा, सीआईटीयू व अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन ने कई जगह सरकार के पुतले फूंक कर रोष जताया। इस दौरान आठ दिसंबर को होने वाले भारत बंद की तैयारियों के लिए भी योजना बनाई गई।
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सीटू के जिला प्रधान रमेश चंद्र ने बताया कि शनिवार को जलालपुर कलां, जाजवान, संगतपुरा, जुलानी, कंडेला, दालमवाला, शाहपुर, मनोहरपुर, सिवाहा, लोहचब, ईगराह, पोंकरी खेड़ी, निर्जन, मांडो खेड़ी, बराह खुर्द व सिंधवी खेड़ा सहित कई अन्य गांव में सरकार का पुतला फूंककर रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि अगर कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो आठ दिसंबर के भारत बंद में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के साथ-साथ केंद्र सरकार ने मजदूर वर्ग को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने के लिए 44 श्रम कानूनों को रद्द कर चार श्रम कोड में बदल दिया। इस अवसर पर रोहताश नगूरां, कपूर सिंह, संदीप जाजवान, इंद्र सिंह, बारू राम, राजेश जलालपुर कलां, पवन, शीलकराम, नरसी नंबरदार, संदीप दालमवाला व रामनिवास मौजूद रहे।
इसके अलावा नगूरां, शाहपुर, बधाना व डाहौला गांवों में किसान सभा के जिला प्रधान रोहतास नगूरां की अध्यक्षता में केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। इस अवसर पर केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
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गांव किलाजफगढ़ में सीटू कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता सीटू नेता सुल्तान जांगड़ा व खेत मजदूर नेता कामरेड सूरजभान ने की। बैठक के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। इस मौके पर दीनदयाल, रामकिशन, अजमेर सिंह, दिलबाग, बनी सिंह, कुलदीप, रणबीर भी मौजूद रहे।
उचाना में किसान नेताओं के आह्वान पर पालवां-करसिंधु रोड पर सरकार का पुतला फूंका गया। किसान सुरजीत व मनोज ने कहा कि आठ दिसंबर को देश बंद का आह्वान किया गया है। यह बंद पूरी तरह से सफल होगा। इसी विरोध में ग्रामीणों के साथ मिलकर आंगनबाड़ी वर्कर्स ने सरकार का पुतला फूंककर रोष जताया।
सफीदों के गांव हाट में तीर्थ के पास किसानों ने शनिवार शाम को कृषि कानूनों के विरोध में राज्य एवं केंद्र सरकार का पुतला फूंका। मजदूर नेता राधेश्याम ने कहा कि भाजपा सरकार ने जो कृषि कानून लागू किए हैं, यह किसान-मजदूर के खिलाफ हैं।
मंगलपुर और घोघड़ियां से 700 लीटर दूध लेकर दिल्ली रवाना
उचाना के मंगलपुर गांव से ग्रामीणों ने दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के लिए दूध लेकर रवाना हुए। शनिवार को गांव में 500 लीटर दूध एकत्रित कर दिल्ली भेजा गया। युवा मोनू, रविंद्र, विक्रम, प्रवीण, मंजीत व विकास ने कहा कि गांव में शुक्रवार को मुनादी करवाई गई कि किसान आंदोलन के लिए दूध एकत्रित किया जाएगा। शनिवार को 500 लीटर दूध कैनों में भरकर दिल्ली भेजा गया। घोघड़ियां गांव में 200 लीटर दूध ग्रामीणों ने एकत्रित किया। पूर्व सरपंच बिजेंद्र ने कहा कि बॉर्डर पर किसान धरना दे रहे हैं। यह पूरे देश के किसानों के लिए आंदोलन चल रहा है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह संसद सत्र बुला कर इस कानून को रद्द करें। जब किसी अन्य कानून बनाने के लिए रात को संसद सत्र बुलाया जा सकता है तो किसानों के लिए क्यों नहीं बुलाया जा सकता है।

सरकार का पुतला फूंक कर रोष जताते किसान।- फोटो : Jind

सरकार का पुतला फूंककर रोष प्रकट करते विभिन्न संगठनों के लोग। संवाद - फोटो : Jind

केंद्र और राज्य सरकार का पुतला फूंकते सीटू और किसान नेता। संवाद - फोटो : Jind

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