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सीसीटीवी कैमरे में कार में जाते हुए दिखा पीएनबी से 20 लाख रुपये चुराने वाला बच्चा

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बैंक में महिला के पीछे वाली पंक्ति में बैठा संदिग्ध बच्चा। - फोटो : Jind
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डीआरडीए के सामने स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा से सोमवार को 10-11 साल के बच्चे द्वारा 20 लाख रुपये चोरी करने के मामले में कई नए तथ्य सामने आए हैं। बैंक अधिकारियों को शक है कि वारदात के दौरान बैंक में चोर गिरोह के तीन-चार लोग हो सकते हैं। जिस समय चोरी की गई, उस समय बैंक के सभी काउंटर पर भीड़ लगी हुई थी। इसके अलावा बच्चे द्वारा हैड कैशियर के केबिन से पैसे चोरी करने के बाद इनमें से कुछ लोग ओर बाहर चले गए। यह लोग पहले बैंक में बैठे थे और उन्होंने बैंक में कोई काम नहीं करवाया। इसके अलावा पुलिस को अब एक और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली है, जिसमें पैसे चोरी करने वाला बच्चा ऑल्टो कार में दिखाई दे रहा है। कार को एक व्यक्ति चला रहा है। बच्चे के अलावा कार में एक अन्य व्यक्ति भी है। हैरानी की बात यह है कि चोरी होने के बाद भी बैंक प्रबंधन सचेत नहीं हुए हैं। सोमवार को 20 लाख रुपये चोरी होने के बावजूद मंगलवार को बैंक के गेट पर सुरक्षा कर्मचारी नहीं तैनात मिला।
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जानकारी के लिए सोमवार को दोपहर में पौने एक बजे 10-11 साल के बच्चे ने हेड कैशियर सत्यवान के केबिन से 20 लाख रुपये चोरी कर लिए थे। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि पैसे चुराने वाला बच्चा एक ऑल्टो कार में सवार होकर गया है। कार को एक व्यक्ति चला रहा है और दूसरा व्यक्ति उसमें बैठा हुआ है। ऐसे में पुलिस को भी शक है कि इस वारदात को किसी बड़े गिरोह ने अंजाम दिया है। बहरहाल मामले की जांच चल रही है। अब पुलिस दूसरे सीसीटीवी कैमरा से कार के नंबर का पता लगाने का प्रयास कर रह है।
नौ मिनट में पूरे काम को दिया अंजाम
बैंक के सीसीटीवी कैमरा से पता चलता है कि पैसे चुराने वाला बच्चा सोमवार दोपहर 12 बजकर 38 मिनट पर बैंक में आता है। इसके बाद वह बैंक में डाली गई कुर्सियों पर बैठ जाता है। उसके पास दूसरा व्यक्ति भी बैठा है, जो पैसे चोरी करने से पहले 40 सेकंड तक बच्चे से बातचीत करते हुए कुछ समझा रहा है। इसके बाद बच्चा हेड कैशियर सत्यवान के केबिन से पैसे चुराता है और 12 बजकर 47 मिनट पर बाहर निकल जाता है।
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केबिन में और थे 25 लाख रुपये
हेड कैशियर सत्यवान ने पीएनबी की शाखा के बेसमेंट में बने चेस्ट से एटीएम में डालने के लिए 25 लाख रुपये लिए थे। इनमें से उसने पांच लाख रुपये केबिन की दराज में रख दिए और 20 लाख रुपये बाहर छोड़ दिए। इसके अलावा 20 लाख रुपये और केबिन में रखे हुए थे। यह राशि केबिन की दराज में थी, जिससे बच गई।
दो मिनट की लापरवाही पड़ गई भारी
जिस समय वारदात हुई हेड कैशियर सत्यवान दो मिनट के लिए वॉश रूम गए थे। जाते समय उन्होेंने केबिन का दरवाजा लॉक नहीं किया था। दरअसल केबिन के गेट में ऐसी व्यवस्था है कि यदि उसे जोर से बाहर की तरफ खींच या धकेला जाय यह लॉक हो जाता है। इसके बाद इसे चाबी से ही खोलना होता है, लेकिन सत्यवान ने ऐसा नहीं किया। इसी का फायदा उठाकर बच्चा 20 लाख रुपये लेकर फरार हो गया।
कौन है वह बुजुर्ग
बैंक प्रबंधक विश्वजीत सिन्हा के अनुसार सीसीटीवी कैमरे में एक बुजुर्ग भी दिखाई दे रहा है, जो बच्चे के बाहर जाने के बाद निकलता है। इसके अलावा दो-तीन और लोग हैं, जो चोरी की वारदात के बाद बैंक से बाहर चले जाते हैं। अब पुलिस पता लगाएगी कि ये लोग कौन हैं।
बैंक कर्मचारियों पर भी शक की सूई
इस मामले में इस प्रकार पूरी घटना को अंजाम दिया गया, उससे पुलिस को बैंक कर्मचारियों पर शक है। हो सकता है कि बैंक के किसी कर्मचारी की मिलीभगत के चलते यह वारदात हुई हो। दरअसल हेड कैशियर सत्यवान महज दो मिनट के लिए ही बाहर जाते हैं और इसी दौरान बच्चा अपनी जेब से पॉलि बैग निकालता है और पैसे भरकर चला जाता है। ऐसे में पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
बैंक की ढील बनी पुलिस के लिए सिरदर्द
इस मामले में बैंक की ढील भी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई है। चोरी की वारदात करीब पौने एक बजे होती है और हेड कैशियर सत्यवान उस समय नकदी देख भी लेते हैं, लेकिन वे न तो अधिकारियों को बताते हैं और न ही पुलिस को। पहले वे अपने केबिन में नकदी का मिलान करते रहे। इसके बाद चेस्ट से भी नकदी का मिलान किया। जब हर जगह से निराशा हाथ लगी तो शाम सात बजे पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
सरासर बैंक की लापरवाही
इस मामले में बैंक की लापरवाही सामने आई है। बैंक में गार्ड तक की व्यवस्था नहीं है। नया नियम है कि बिना काम से कोई व्यक्ति बैंक में नहीं आएगा। चोरी के आरोपी काफी देर तक बैंक में रहे। यदि सुरक्षा कर्मी होता तो वह उनको टोक सकता था। कर्मचारियों की मिलीभगत है या नहीं, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। यह जांच का विषय है। अभी तक एक सीसीटीवी कैमरे से पता चला है कि बच्चा एक ऑल्टो काम में बैठकर गया है।
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हरीओम, सिविल लाइन, थाना प्रभारी
बैंक में गार्ड का नहीं प्रावधान
फिलहाल बैंक में गार्ड का प्रावधान नहीं है। यह व्यवस्था हर जगह के लिए है। स्टाफ का जो ढांचा तय किया गया है, उसमें गार्ड की व्यवस्था नहीं है।
राकेश वर्मा, एलडीएम

सीसीटीवी कैमरे की जांच करते बैंक अधिकारी।- फोटो : Jind

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