26जेएनडी11-खेतों में धान के अवशेषों में लगी आग बुझाते कृषि विभाग कर्मचारी। संवाद
जींद। धान के अवशेष जलाने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले दिनों जहां प्रशासन की सख्ती से धान के अवशेष जलने के मामलों में कमी देखी गई थी, वहीं अब फिर से यह आंकड़ा बढ़ने लगा है। फिलहाल गेहूं की बिजाई का समय चल रहा है। इसे लेकर किसान धान के अवशेष जला रहे हैं।
जिले में कृषि विभाग को हरसेक की तरफ से धान के अवशेष जलाने की 201 लोकेशन मिली थी। इनमें से 160 जगह धान के अवशेष जले मिले। किसानों ने 173 एकड़ में धान के अवशेष जलाए थे। इनमें 85 किसानों के चालान कर जुर्माना किया गया। कृषि विभाग की टीम ने इन किसानों से 2 लाख 95 हजार जुर्माना वसूला। वहीं, 150 किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है। 215 किसान अब 2 साल तक एमएसपी पर फसल बेच नहीं पाएंगे। सबसे ज्यादा नरवाना क्षेत्र में 93 किसानों पर एफआईआर दर्ज हुई है, जिन पर 2 लाख रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले जा चुके हैं। वहीं, नरवाना में 82 एकड़ में धान की पराली जलाई जा चुकी है। इसके बाद अलेवा में 33 किसानों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने के मामले घटे
जिले में पिछले साल के मुकाबले इस बार धान के अवशेष कम जले हैं। पिछले साल 30 नवंबर तक 335 मामले सामने आए थे और 337 एकड़ में धान के अवशेष जलाए गए थे। वहीं, 273 किसानों के नाम सामने आए थे, जिनसे कृषि विभाग की टीम ने छह लाख 40 हजार रुपये जुर्माना वसूला था। इस बार अब तक 160 ही मामले सामने आए हैं। 85 किसानों पर एफआईआर दर्ज कर 2 लाख 95 हजार जुर्माना वसूला जा चुका है।
ब्लॉक अनुसार आंकड़े
ब्लॉक
आग की घटना एकड़ चालान
जुर्माना
एफआईआर
रेड एंट्री
अलेवा 15
15
5
15 हजार
13
33
जींद
23
23
1
पांच हजार
22
28
जुलाना
15
14
3
00
13
13
पिल्लूखेड़ा07
10
6
22500
6
12
सफीदों
14
13
11
27500
12
19
नरवाना
71
82
48
200000
70
93
उचाना
15
16
11
25000
14
17
कुल
160
173
85
295000
150
215
वर्जन-
इस बार पिछली साल के मुकाबले धान के अवशेष जलाने के मामलों में कमी आई है। पिछले बार जहां कुल 335 मामले सामने आए थे, वहीं इस बार अब तक 160 मामले आए हैं। हालांकि अभी तक 50 प्रतिशत से ज्यादा गेहूं की बिजाई का कार्य भी हो चुका है।
-डॉ. गिरीश नागपाल, उप निदेशक, कृषि विभाग जींद